महापुरुषों के अपमान के विरोध में कांग्रेसियों ने किया मौन सत्याग्रह
धमतरी, 16 जनवरी (हि.स.)। नगर निगम द्वारा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी, सुभाष चंद्र बोस, संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर, पंडित दीनदयाल उपाध्याय, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी सहित अनेक महापुरुषों की तस्वीरों को पहले लावारिस हालत में फेंकने और बाद में कचरे की गाड़ी में डालकर ले जाने के मामले को लेकर कांग्रेस जनों ने कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इस मुद्दे पर कांग्रेस द्वारा लगातार दूसरे दिन आंदोलन किया गया। शुक्रवार को कांग्रेसियों ने गांधी प्रतिमा के समक्ष सांकेतिक मौन सत्याग्रह किया।
ब्लॉक कांग्रेस शहर अध्यक्ष गौतम वाधवानी एवं नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर ने कहा कि नगर निगम के इस कृत्य से महापुरुषों का घोर अपमान हुआ है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने महापुरुषों की तस्वीरों के अपमान के विषय में महापौर को अवगत कराया, तब भी तस्वीरों को कचरे की गाड़ी में डालकर ले जाकर और अपमानित किया गया, जो पूरी तरह निंदनीय है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अब यह लड़ाई केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि राष्ट्र के लिए अपना सर्वस्व न्यौछावर करने वाले महापुरुषों की अस्मिता और सम्मान की है। नगर निगम में निरंकुशता और हठधर्मिता की सीमाएं पार हो चुकी हैं, जिस पर अंकुश लगाना आवश्यक हो गया है। इसी क्रम में सेंचुरी गार्डन स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेस जनों ने सांकेतिक मौन सत्याग्रह कर लोकतांत्रिक आंदोलन का शंखनाद किया। उन्होंने मांग की कि नगर निगम के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि अपने कक्षों में महापुरुषों की तस्वीरें लगाकर ईमानदारी और जनसेवा की शपथ लें।
मौन सत्याग्रह में उप नेता प्रतिपक्ष विशु देवांगन, पार्षद योगेश लाल, सुमन मेश्राम, सूरज गहरवाल, भागी ध्रुव, गजानंद रजक, सोमेश मेश्राम, राजेश पांडे और देवेंद्र देवांगन सहित अनेक कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

