मतदाता सूची से चुनाव आयोग तक कांग्रेस ने उठाए सवाल
धमतरी, 27 अक्टूबर (हि.स.)। मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों, दोहरे पंजीकरण और चुनावी पारदर्शिता के मुद्दे पर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। मंगलवार को राजीव भवन में वोट बचाओ-देश बचाओ अभियान के तहत अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआइसीसी) की पर्यवेक्षक एवं सांसद शोभा बच्छाव ने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए मतदाता सूची की पारदर्शिता और मताधिकार की रक्षा जरूरी है।
उन्होंने आगे कहा कि, वोट चोरी का मुद्दा केवल विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) तक सीमित नहीं है। कांग्रेस विभिन्न चुनावों के दौरान मतदाता सूची में नाम जोड़ने-काटने, दोहरे पंजीकरण, ईवीएम-वीवीपैट की कार्यप्रणाली और चुनावी आंकड़ों की पारदर्शिता पर सवाल उठाती रही है। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग को इन मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित करनी चाहिए।
मतदाता सूची के आंकड़ों में पारदर्शिता की कमी का है। डिजिटल प्रारूप में सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अनुसार 2024 के लोकसभा और महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के बीच करीब 39 लाख मतदाता बढ़े, जबकि पिछले पांच वर्षों में लगभग 32 लाख मतदाता जुड़े थे। पार्टी ने इस अंतर के कारण स्पष्ट करने की मांग की। इस दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर, विधायक ओंकार साहू, अंबिका मरकाम, पूर्व विधायक गुरुमुख सिंह होरा, लेखराम साहू, लक्ष्मी ध्रुव, जिला पंचायत सदस्य कविता योगेश बाबर, पूर्व जिलाध्यक्ष मोहन लालवानी, पूर्व पीसीसी सचिव आनंद पवार सहित अन्य पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित थे।
महादेवपुरा और एसआइआर पर भी उठाए सवाल
सांसद शोभा बच्छाव ने राहुल गांधी के विश्लेषण का हवाला देते हुए महादेवपुरा में दोहरे पंजीकरण, संदिग्ध तस्वीरों और अन्य अनियमितताओं से एक लाख से अधिक वोट प्रभावित होने का आरोप लगाया। उन्होंने हरियाणा और कर्नाटक के आलंद में भी मतदाता सूची में गड़बड़ी के आरोपों का जिक्र किया। एसआइआर के तहत नाम हटाने की प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए उन्होंने मतदाता सूची में पारदर्शिता और चुनावी आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

