भाजपा सदस्यों को 40-40 लाख, कांग्रेस सदस्यों को 10-10 लाख के कार्य देने पर हंगामा

WhatsApp Channel Join Now
भाजपा सदस्यों को 40-40 लाख, कांग्रेस सदस्यों को 10-10 लाख के कार्य देने पर हंगामा


धमतरी, 15 सितंबर (हि.स.)। धमतरी जिला पंचायत कार्यालय में मंगलवार को आयोजित समन्वय समिति की बैठक 16वें वित्त आयोग की राशि से कार्यों के वितरण को लेकर हंगामेदार रही। कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य नीलम चंद्राकर और कविता योगेश बाबर ने भाजपा के 11 सदस्यों को 40-40 लाख रुपये तथा कांग्रेस के दोनों सदस्यों को महज 10-10 लाख रुपये के कार्य दिए जाने पर आपत्ति जताई।

उन्होंने इसे भेदभावपूर्ण बताते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया और कक्ष से बाहर निकल गईं। नीलम चंद्राकर और कविता बाबर ने कहा कि सभी सदस्य अपने-अपने क्षेत्रों से चुनाव जीतकर आए हैं और जनता ने उन्हें विकास कार्यों की जिम्मेदारी सौंपी है। ऐसे में कार्यों के लिए राशि के आवंटन में भेदभाव नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी सदस्यों को समान रूप से राशि मिलनी चाहिए, ताकि वे अपने-अपने क्षेत्रों के गांवों में विकास और निर्माण कार्य करा सकें। कांग्रेस सदस्यों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें बराबर राशि नहीं दी गई तो वे न्यायालय की शरण लेंगी। जिला पंचायत कार्यालय को 16वें वित्त आयोग के तहत विकास एवं निर्माण कार्यों के लिए पांच करोड़ आठ लाख रुपये प्राप्त हुए हैं। इसी राशि के वितरण को लेकर जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण कुमार सार्वा की अध्यक्षता में समन्वय समिति की बैठक आयोजित की गई थी।

बैठक में 16वें वित्त की राशि से 11 सदस्यों को 40-40 लाख रुपये तथा दो सदस्यों को 10-10 लाख रुपये के कार्य दिए जाने की जानकारी सामने आई। इसे सुनते ही नीलम चंद्राकर ने आपत्ति जताते हुए जिला पंचायत अध्यक्ष और सीईओ पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शासन की गाइडलाइन के अनुसार सभी निर्वाचित सदस्यों को समान अवसर और राशि मिलनी चाहिए। सभी सदस्यों को अपने-अपने 35 से 40 गांवों में विकास कार्य कराने हैं। ऐसे में 10 लाख रुपये की राशि क्षेत्र के विकास के लिए ऊंट के मुंह में जीरा के समान है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सदस्यों को अधिक और कांग्रेस सदस्यों को कम राशि दिया जाना राजनीतिक भेदभाव है। इसके बाद नीलम चंद्राकर और कविता बाबर बैठक कक्ष से बाहर निकल गईं और बैठक का बहिष्कार कर दिया। नीलम चंद्राकर ने आरोप लगाया कि बैठक से पहले उन्हें फोन कर केवल 10 लाख रुपये की कार्ययोजना मंगाई गई थी, जिसमें ढाई-ढाई लाख रुपये के दो और पांच लाख रुपये का एक कार्य शामिल था।

उन्होंने कहा कि यदि कार्यों का वितरण पहले ही तय कर लिया गया था तो समन्वय समिति की बैठक आयोजित करने का औचित्य क्या है। दूसरी ओर, जिला पंचायत समन्वय समिति द्वारा 16वें वित्त आयोग की अनुशंसाओं के अनुरूप तैयार जिला स्तरीय कार्ययोजना और अनुशंसित कार्यों को निर्धारित राशि सहित सामान्य सभा के समक्ष रखा गया। प्रस्तावित कार्यों और राशि को लेकर सदस्यों ने चर्चा की। चर्चा के बाद कार्ययोजना एवं प्रस्तावित कार्यों को सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण कुमार सार्वा ने कहा कि जिले के विकास के लिए तैयार कार्ययोजना में स्थानीय आवश्यकताओं को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। पीएआई-2.0 के थीमवार स्कोर के आधार पर कम प्रगति वाले क्षेत्रों की पहचान कर लक्षित प्रयास किए जाने से पंचायतों के विकास सूचकांकों में बेहतर सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने स्वीकृत कार्यों के प्रभावी क्रियान्वयन और गुणवत्तापूर्ण निर्माण सुनिश्चित करने पर जोर दिया। बैठक में जिला पंचायत सदस्य, अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

Share this story