बेतहाशा महंगाई से आम आदमी बेहाल हो गया : दीपक बैज

बेतहाशा महंगाई से आम आदमी बेहाल हो गया : दीपक बैज
बेतहाशा महंगाई से आम आदमी बेहाल हो गया : दीपक बैज


रायपुर, 6 जुलाई (हि.स.)। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने शनिवार को बयान जारी कर कहा कि केंद्र सरकार बढ़ती महंगाई, बढ़ती बेरोजगारी पर चर्चा करने से भाग रही है। देश की जनता का महंगाई से बुरा हाल है। केंद्र सरकार जब से सत्ता में आई है, महंगाई से देश के नागरिकों की कमर टूटती जा रही है। महंगाई को लेकर कांग्रेस प्रदेश में जनआंदोलन छेड़ेगी। भाजपा राज में रोजमर्रा की जरूरतों के दाम बेतहाशा बढ़ गये है।

उन्होंने बताया कि 2014 में जो गैस का सिलेंडर 410 रुपये का था, आज वह 1000 रुपये के पार है। पेट्रोल के दाम 70 से बढ़कर 100 रुपये प्रति लीटर के पार हो गया है, जबकि डीजल के दाम 55 से बढ़कर 95 रुपये प्रति लीटर के करीब पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय मार्केट में क्रूड आयल का दाम लगातार कम हो रहे हैं। 2014 की तुलना में वर्तमान में क्रूड आयल आधे रेट में मिल रहा है, लेकिन उसका लाभ आम जनता को नहीं मिल रहा है। खाने के तेल और दाल की कीमत 60 और 70 रुपये प्रति किलो थी, वह 200 रुपये प्रति किलो को पार कर गई है। इतना ही नहीं, बीते दिनों जीएसटी की बर्बर मार से दही, पनीर, लस्सी, आटा, सूखा सोयाबीन, मटर व मुरमुरे भी बच नहीं सके, उन पर भी पांच फीसदी जीएसटी लगा दिया गया।

होटल के 1,000 रु. के कमरे पर 12 प्रतिशत जीएसटी, अस्पताल के आईसीयू बेड पर 5 प्रतिशत जीएसटी। जीने के लिए सभी आवश्यक चीजों पर जीएसटी लगाकर चैन नहीं मिला तो श्मशान घाट के निर्माण पर भी जीएसटी बढ़ा दिया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल की कीमतें लगातार घट रही है। मगर मोदी सरकार पेट्रोल-डीजल की कीमतें कम नहीं कर रही है। बीते 10 सालों में पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स पर कर लगाकर 29 लाख करोड़ रुपये जनता की जेब से निकाले गए हैं।

दीपक बैज ने कहा कि केंद्र सरकार की गलत आर्थिक नीतियों के कारण देश की अर्थव्यवस्था लगातार गर्त में जा रही है। देश की जीडीपी 8.2 से गिरकर 5.7 हो गयी है। विदेशी मुद्रा भंडार लगातार कम हो रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय व्यापार संतुलन बिगड़ने से आयात पर निर्भरता तेजी से बढ़ रही है। देश पर कुल कर्ज का भार तीन गुना बढ़ चुका है। विगत 12 महीनों में डॉलर के मुकाबले रुपये का मूल्य 12 प्रतिशत से ज्यादा गिर चुका है। भाजपा राज में विगत एक माह में ही विदेशी मुद्रा भंडार लगभग 26 मिलियन डॉलर कम हुआ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 2014 की तुलना में 20 प्रतिशत कम होने के बावजूद डीजल और पेट्रोल 30 से 40 रुपये प्रति लीटर महंगे बेचे जा रहे हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ चंद्रनारायण शुक्ल/केशव

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