सूरजपुर में कलेक्टर का विकास कार्यों का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर

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सूरजपुर में कलेक्टर का विकास कार्यों का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर


सूरजपुर में कलेक्टर का विकास कार्यों का निरीक्षण, गुणवत्ता और समयबद्धता पर दिया जोर


सूरजपुर, 13 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में संचालित विकास और मनरेगा कार्यों की प्रगति का जायजा लेने के लिए कलेक्टर एस. जयवर्धन ने शुक्रवार को विभिन्न ग्राम पंचायतों का निरीक्षण किया।

इस दौरान उनके साथ जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी विजेंद्र सिंह पाटले, सहायक परियोजना अधिकारी मनरेगा केएम पाठक, जनपद सीईओ, कार्यक्रम अधिकारी तथा टेक्निकल टीम मौजूद रही। कलेक्टर ने कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को सभी कार्य समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान ग्राम पंचायत करमपुर और गोविंदपुर में मनरेगा के तहत संचालित विभिन्न कार्यों का अवलोकन किया गया। यहां मिट्टी बांध, अमृत सरोवर, गली प्लग, कंटूर ट्रेंच तथा नाला सफाई जैसे कार्यों का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को इन्हें निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संसाधन विभाग के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर कार्यों को शीघ्र पूरा करने पर भी जोर दिया।

कलेक्टर ने ग्राम पंचायत करमपुर में निर्मित अमृत सरोवर और मिट्टी बांध में संग्रहित जल का उपयोग कर किसानों द्वारा लगभग 20 एकड़ क्षेत्र में की जा रही गेहूं की खेती का भी अवलोकन किया और जल संरचनाओं के प्रभावी उपयोग की सराहना की।

इस दौरान हर्राटीकरा ग्राम पंचायत में संचालित खेलो इंडिया सेंटर का भी निरीक्षण किया गया। कलेक्टर ने खेल प्रशिक्षक को खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण देकर उन्हें राज्य स्तर तक पहुंचाने के लिए प्रेरित किया। वहीं कोरिया ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन आंगनबाड़ी भवन का निरीक्षण कर इसे शीघ्र महिला एवं बाल विकास विभाग को हस्तांतरित कर आंगनबाड़ी संचालन शुरू कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान ग्राम हर्राटीकरा में मनरेगा के तहत पूर्व वर्षों में किए गए कार्यों का भी अवलोकन किया गया। यहां मनरेगा के प्रचार-प्रसार के लिए लगाए गए क्यूआर कोड को मोबाइल से स्कैन कर योजना से संबंधित जानकारी की व्यवस्था का परीक्षण किया गया। साथ ही “विकसित भारत गारंटी फॉर आजीविका मिशन (ग्रामीण)” योजना के प्रारंभ होने से पूर्व की तैयारियों की जानकारी लेते हुए ग्रामीणों को अधिनियम के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया गया।

ग्रामीणों को योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 125 दिनों की रोजगार गारंटी, कार्य की मांग करने की प्रक्रिया, जॉब कार्ड की उपयोगिता, समय पर मजदूरी भुगतान, पारदर्शिता तथा सामाजिक अंकेक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बताया कि लगाए गए क्यूआर कोड को स्कैन कर कोई भी नागरिक मनरेगा से जुड़े कार्यों की स्वीकृति, पूर्णता, मजदूरी भुगतान और कुल व्यय सहित विस्तृत जानकारी अपने मोबाइल पर आसानी से प्राप्त कर सकता है। यह व्यवस्था मनरेगा कार्यों को अधिक पारदर्शी और नागरिकों के लिए सुगम बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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