जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिख रहे बहुद्देश्यीय केंद्र, ग्राम मड़वा पथरा में कलेक्टर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

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जनजातीय क्षेत्रों में विकास की नई इबारत लिख रहे बहुद्देश्यीय केंद्र, ग्राम मड़वा पथरा में कलेक्टर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा


धमतरी, 04 जून (हि.स.)। अनुसूचित जनजातीय क्षेत्रों के विकास को नई दिशा देने के उद्देश्य से स्थापित बहुद्देश्यीय केंद्र ग्रामीण अंचलों में परिवर्तन की मजबूत नींव बनते जा रहे हैं। इसी क्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा गुरूवार को मगरलोड विकासखंड के ग्राम मड़वा पथरा पहुंचे, जहां उन्होंने नव-निर्मित बहुद्देश्यीय केंद्र का निरीक्षण कर उपलब्ध सुविधाओं का जायजा लिया।

उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व नगरी विकासखंड के ग्राम बोईरगांव में भी बहुद्देश्यीय केंद्र की स्थापना की जा चुकी है। जनजातीय क्षेत्रों में निर्मित इन केंद्रों में बहुउद्देशीय हॉल, आंगनबाड़ी केंद्र तथा एएएम (आदिवासी सहायता एवं मार्गदर्शन) केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं, जिससे ग्रामीणों को एक ही स्थान पर अनेक सेवाओं का लाभ मिल सके। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने बहुउद्देशीय हॉल में आदिवासी समाज के प्रमुख जनों के साथ बैठक कर क्षेत्र की आवश्यकताओं, समस्याओं और मूलभूत जरूरतों पर विस्तार से चर्चा की।

उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्र का भी अवलोकन किया, जहां बच्चों के लिए ज्ञानवर्धक खेल-खिलौनों सहित विभिन्न शैक्षणिक संसाधन उपलब्ध हैं। ग्रामीणों से सीधे संवाद करते हुए कलेक्टर ने आजीविका संवर्धन, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन पर फीडबैक लिया। उन्होंने ग्रामीणों की समस्याएं सुनते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की मांग अथवा शिकायत लिखित आवेदन के माध्यम से प्रस्तुत की जाए, ताकि उसका समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जा सके। कलेक्टर ने कहा कि बहुद्देश्यीय केंद्र केवल सामुदायिक गतिविधियों का केंद्र नहीं होंगे, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आजीविका के नए अवसर भी सृजित करेंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि केंद्रों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित करते हुए ग्रामीणों को इनके प्रति जागरूक किया जाए। इससे जनजातीय क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिलेगी और ग्रामीणों को एक छत के नीचे अनेक सुविधाएं उपलब्ध होंगी।

उन्होंने बताया कि सरकार जनजातीय क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के साथ-साथ जंगल आधारित आजीविका, कृषि और लघु वनोपज के मूल्य संवर्धन को बढ़ावा देने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। इस दौरान उन्होंने कहा कि यदि क्षेत्र में कोई शिक्षित और कंप्यूटर का व्यावहारिक ज्ञान रखने वाला युवा उपलब्ध हो तो उसके माध्यम से अटल सेवा केंद्र स्थापित किया जा सकता है। इससे ग्रामीणों को बैंकिंग और अन्य आवश्यक सेवाएं गांव में ही उपलब्ध हो सकेंगी। उन्होंने एसडीएम और सरपंच को ऐसे युवाओं का चयन करने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर अबिनाश मिश्रा और डीएफओ श्रीकृष्ण जाधव ने पर्यावरण संरक्षण एवं हरित आवरण को बढ़ावा देने के उद्देश्य से “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत परिसर में काजू और चीकू के पौधे रोपे।

इस अवसर पर बताया गया कि सरकार द्वारा आदिवासी समुदायों के सर्वांगीण विकास और अधिकारों के संरक्षण के लिए प्रधानमंत्री जनजाति आदिवासी न्याय महाअभियान संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दूरस्थ एवं वंचित जनजातीय क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं का विस्तार कर जीवन स्तर में सुधार लाना और उन्हें विकास की मुख्यधारा से जोड़ना है। इस अवसर पर एसडीएम नभ सिंह, सहायक आयुक्त आदिम जाति विकास विमल, जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास जगरानी इक्का, सरपंच नंद कुमार नेताम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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