छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग का अलर्ट, गरज-चमक  के साथ भारी बारिश की संभावना

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छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग का अलर्ट, गरज-चमक  के साथ भारी बारिश की संभावना


छत्तीसगढ़ में मौसम विभाग का अलर्ट, गरज-चमक  के साथ भारी बारिश की संभावना


रायपुर, 03 सितंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ में लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रायपुर केंद्र ने आज गुरुवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करने की अपील की है।बंगाल की खाड़ी में बने एक मजबूत कम दबाव के क्षेत्र के आगे बढ़ने से राज्य में मूसलाधार बारिश का दौर लगातार जारी है।

ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्र बिलासपुर, मुंगेली, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, कोरिया, कोरबा और सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में मौसम विभाग ने भारी से अत्यंत भारी बारिश 115.6 मिमी से 204.4 मिमी तक की चेतावनी दी है।जबकि येलो अलर्ट वाले क्षेत्र राजधानी रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, धमतरी, जशपुर, बलरामपुर, सूरजपुर और बेमेतरा सहित करीब 15 से अधिक जिलों में गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने और भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

मौसम विभाग ने जानकारी दी है कि 3 तथा 4 सितंबर को प्रदेश के मध्य और उत्तरी इलाकों में गरज-चमक के साथ भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। आकाशीय बिजली गिरने की सबसे ज्यादा आशंका इन्हीं दो दिनों में है।जबकि 5 एवं 6 सितंबर को बारिश की तीव्रता में थोड़ी कमी आ सकती है, लेकिन अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने और एकाध जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। लगातार हो रही बारिश के कारण बलरामपुर में कनहर नदी सहित कई नदी-नाले उफान पर हैं। अंबिकापुर और राजपुर तहसील के निचले इलाकों और बस्तियों में जलभराव की स्थिति बन गई है।

मौसम विभाग के अनुसार बंगाल की खाड़ी और पूर्वी भारत के आसपास सक्रिय कम दबाव का क्षेत्र तथा चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से प्रदेश में वर्षा की गतिविधियां तेज हुई हैं। इसके प्रभाव से आगामी दिनों में भी प्रदेश के अनेक हिस्सों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर जारी रहने की संभावना है।

मौसम विभाग ने लोगों को खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से घरों से बाहर नहीं निकलने की सलाह दी है। विभाग ने कहा है कि बारिश में खुले मैदानों, बड़े पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े होने से बचें तथा किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें।

हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल

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