मुख्यमंत्री साय सुकमा के बाढ़ प्रभाविताें से मिले, कहा- सरकार नुकसान का मुआवजा के साथ मदद करेगी

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मुख्यमंत्री साय सुकमा के बाढ़ प्रभाविताें से मिले, कहा- सरकार नुकसान का मुआवजा के साथ मदद करेगी


सुकमा, 28 सितंबर (हि.स.)। जिले में शबरी नदी का पानी उतरने के बाद मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने साेमवार काे बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। प्रशासन ने उन्हें बाढ़ की स्थिति की जानकारी दी। जिले के 22 गांवों के 30,114 लोग बाढ़ से प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री साय ने राजवाड़ा सड़क और वार्ड-12 में बाढ़ पीड़ितों से मुलाकात कर भरोसा दिलाया कि सरकार हर नुकसान का मुआवजा देगी और हरसंभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने कुछ परिवारों को सूखा राशन और कपड़े भी बांटे।

मुख्यमंत्री साय ने कहा कि बाढ़ से हुए मकान, फसल और जनहानि का सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे पूरा होने के बाद प्रभावितों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लगातार बारिश से शबरी नदी में पानी बढ़ने के कारण सुकमा का निचला इलाका प्रभावित हुआ। सरकार ने जरूरत के अनुसार राहत शिविर खोले और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।

मुख्यमंत्री ने पोलावरम बांध से कोंटा क्षेत्र के गांवों के डूब प्रभावित होने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार की सोच विस्थापन से पहले लोगों को बसाने की है। उन्होंने कहा कि सरकार विस्थापित करने से पहले स्थापित करने की सोचती है। पहले और अब में बहुत अंतर है, चिंता करने की जरूरत नहीं है। लोगों के हित में जो बेहतर होगा, वही करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि नए सर्वे में डूब प्रभावित गांवों की संख्या 18 से ज्यादा भी हो सकती है। सरकार पूरे मामले पर नजर रखे हुए है।

सुकमा जिले में बाढ़ से एक व्यक्ति की जान गई है, 10 मकान पूरी तरह और 310 मकान आंशिक रूप से खराब हुए हैं। निचले इलाकों से लोगों को स्कूलों और राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। यहां भोजन, पानी और इलाज की व्यवस्था है। बीमारियों से बचाव के लिए हैंडपंपों में ब्लीचिंग पाउडर डाला जा रहा है। पानी उतरने के बाद लोग अपने घर लौट रहे हैं, लेकिन उनके सामने नई मुश्किलें हैं। घरों में घुसा पानी घरेलू सामान और जरूरी चीजों को नुकसान पहुंचा गया। कई परिवारों के सामने घर की सफाई, खराब सामान को बदलने और रोजमर्रा की जिंदगी फिर से शुरू करने की चुनौती है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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