सुकमा के ऐर्राबोर पोटाकेबिन में पहली कक्षा में अध्यनरत छात्रा की हुई मौत

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सुकमा के ऐर्राबोर पोटाकेबिन में पहली कक्षा में अध्यनरत छात्रा की हुई मौत


सुकमा, 30 सितंबर (हि.स.)। जिले में ऐर्राबोर पोटाकेबिन में पढ़ने वाली पहली कक्षा की छात्रा की मौत का मामला सामने आया है। छात्रा की तबीयत पिछले कई दिनों से खराब बताई जा रही थी। गंभीर हालत में उसे छात्रावास से घर लाया गया, जहां बाद में उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने छात्रावास अधीक्षिका और प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने बुधवार काे जांच के निर्देश दिए हैं और जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि छात्रा के इलाज और देखभाल में किसी स्तर पर लापरवाही हुई या नहीं। फिलहाल परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है।

मिली जानकारी के अनुसार मेटटागुड़ा निवासी मड़कम देवे कोंटा विकासखंड क्षेत्र अंतर्गत ऐर्राबोर पोटाकेबिन में अध्ययनरत थी। वह पहली कक्षा की छात्रा थी और छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रही थी। बताया जा रहा है कि पिछले कई दिनों से उसकी तबीयत ठीक नहीं थी और स्वास्थ्य लगातार बिगड़ रहा था। छात्रा की तबीयत खराब होने की सूचना मिलने के बाद परिजन 27 सितंबर को उसे घर वापस लाने के लिए छात्रावास पहुंचे। परिजनों का कहना है कि जब वे पोटाकेबिन पहुंचे, उस समय बच्ची की हालत गंभीर थी। इसके बाद परिवार के सदस्य उसे अपने साथ घर लेकर रवाना हुए।

इसी बीच क्षेत्र में बाढ़ के कारण मार्ग बाधित हो गया। रास्ता बंद होने की वजह से परिजनों को छात्रा को घर तक लाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। समय पर गांव नहीं पहुंच पाने के कारण बच्ची की हालत और बिगड़ती चली गई। काफी मशक्कत के बाद परिजन उसे घर लेकर पहुंचे, लेकिन उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ और कुछ समय बाद उसने दम तोड़ दिया। वहीं घटना को लेकर परिजनों में छात्रावास प्रबंधन और अधीक्षिका के खिलाफ नाराजगी है। परिजनों का आरोप है कि बच्ची की तबीयत लंबे समय से खराब थी, लेकिन समय रहते उसका समुचित इलाज नहीं कराया गया। उनका कहना है कि यदि समय पर छात्रा को बेहतर उपचार उपलब्ध कराया जाता या अस्पताल पहुंचाया जाता तो स्थिति अलग हो सकती थी। घटना की जानकारी जिला शिक्षा अधिकारी तक पहुंचने के बाद छात्रा की मौत किन परिस्थितियों में हुई और बीमारी के दौरान छात्रावास प्रबंधन की ओर से क्या कदम उठाए गए, इसकी जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एक जांच टीम गठित कर दी गई है।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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