बाल कल्याण समिति ने आश्रय गृह में गर्म कपड़े-कंबल उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
जगदलपुर, 25 अक्टूबर (हि.स.)। किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम, 2015 के प्रावधानों के तहत बाल कल्याण समिति, जिला बस्तर द्वारा जिले की पंजीकृत बाल देख-रेख संस्थाओं का आज रविवार काे औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान शासकीय बालिका गृह, खुला आश्रय गृह (बालक), बस्तर सामाजिक जन विकास समिति, जगदलपुर तथा दिव्यांग संस्था में निवासरत बालक-बालिकाओं के लिए उपलब्ध व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया। इस दौरान समिति के सदस्यों ने संस्थाओं में संधारित विभिन्न पंजियों एवं अभिलेखों का अवलोकन किया तथा आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इस दाैरान शीत ऋतु के प्रारंभ को देखते हुए सभी बच्चों के लिए गर्म कपड़े, कंबल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिये गये।
बाल कल्याण समिति, जिला बस्तर के अध्यक्ष नरेन्द्र पाणिग्राही ने बताया कि निरीक्षण के दौरान संस्थाओं में साफ-सफाई, पौष्टिक भोजन, बच्चों की नियमित पढ़ाई, स्वास्थ्य परीक्षण तथा सुरक्षा व्यवस्थाओं का अवलोकन किया गया। संस्था अधीक्षकों को बच्चों के प्रति संवेदनशील व्यवहार अपनाने और संस्थागत व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। शीत ऋतु के प्रारंभ को देखते हुए सभी बच्चों के लिए गर्म कपड़े, कंबल एवं अन्य आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया।
निरीक्षण के दौरान समिति के सदस्यों ने बालक-बालिकाओं एवं कर्मचारियों से व्यक्तिगत चर्चा कर उनकी समस्याओं, आवश्यकताओं और संस्थागत व्यवस्थाओं के संबंध में जानकारी ली। पूर्व निरीक्षण में पाई गई कमियों को संस्थाओं द्वारा दूर किया जाना संतोषजनक पाया गया। निरीक्षण के उपरांत समिति ने संस्थाओं की व्यवस्थाओं पर संतोष व्यक्त करते हुए भविष्य में भी बच्चों की देखरेख, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण एवं सुरक्षा के वर्तमान स्तर को बनाए रखने के निर्देश दिए। इस दौरान बाल कल्याण समिति की सदस्य श्रीमती वर्षा श्रीवास्तव, सदस्य रामकृष्ण ठाकुर सहित संबंधित संस्थाओं के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

