गंगरेल डुबान का चिखली बना रमणीय स्थल, प्राकृतिक सौंदर्य ने बढ़ाई पर्यटकों की रूचि

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गंगरेल डुबान का चिखली बना रमणीय स्थल, प्राकृतिक सौंदर्य ने बढ़ाई पर्यटकों की रूचि


गंगरेल डुबान का चिखली बना रमणीय स्थल, प्राकृतिक सौंदर्य ने बढ़ाई पर्यटकों की रूचि


धमतरी, 28 जून (हि.स.)। धमतरी जिले के अंतिम छोर पर गंगरेल बांध के डुबान क्षेत्र में स्थित ग्राम चिखली इन दिनों प्राकृतिक पर्यटन का नया आकर्षण बनकर उभर रहा है। धमतरी शहर से चिखली की दूरी लगभग 50 किमी व चारामा से लगभग 10 किलोमीटर दूर स्थित यह रमणीय स्थल मानसून की आहट के साथ हरियाली, विशाल जलराशि और मनमोहक प्राकृतिक दृश्यों से गुलजार हो गया है। इंटरनेट मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों और वीडियो के चलते यहां हर दिन बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं और प्रकृति के अनुपम सौंदर्य का आनंद ले रहे हैं।

चिखली के आसपास फैला शांत जल क्षेत्र, हरियाली से ढकी पहाड़ियां और सुकून भरा वातावरण पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित कर रहा है। खासकर सूर्योदय और सूर्यास्त के समय यहां का नजारा किसी चित्रकारी से कम नहीं दिखता। यही वजह है कि इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर यह स्थान तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। सप्ताहांत और अवकाश के दिनों में परिवारों, युवाओं और प्रकृति प्रेमियों की अच्छी-खासी भीड़ यहां देखने को मिल रही है। गंगरेल बांध, जिसे रविशंकर सागर बांध के नाम से भी जाना जाता है, पहले से ही प्रदेश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है। अब इसके डुबान क्षेत्र का चिखली गांव भी अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के कारण अलग पहचान बना रहा है।

पर्यटकों की बढ़ती आवाजाही से स्थानीय ग्रामीणों को रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर मिलने की उम्मीद जगी है। ग्रामीणों का मानना है कि यदि यहां सड़क, पार्किंग, पेयजल, शौचालय और अन्य मूलभूत पर्यटन सुविधाएं विकसित की जाएं तो यह क्षेत्र भविष्य में छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है। उल्लेखनीय है कि प्राकृतिक सौंदर्य, सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता और पर्यटकों की लगातार बढ़ती आमद ने चिखली को धमतरी जिले के उभरते पर्यटन स्थलों की सूची में शामिल कर दिया है। यदि समय रहते आवश्यक सुविधाओं और सुरक्षा प्रबंधों का विस्तार किया गया, तो आने वाले समय में यह क्षेत्र प्रदेश के पर्यटन मानचित्र पर एक नई पहचान बना सकता है।

प्रशासन बढ़ाए पर्यटकों की सुविधा

छत्तीसगढ़ शालेय शिक्षक संघ के जिला सचिव राजेश कुमार यादव ने कहा कि गंगरेल डुबान क्षेत्र में बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के साथ-साथ अन्य जिलों और राज्यों से भी पर्यटक पहुंच रहे हैं। विशेष रूप से 15 से 24 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की संख्या अधिक रहती है। ऐसे में किसी भी अप्रिय घटना से बचाव के लिए यहां महिला एवं पुरुष पुलिसकर्मियों की नियमित तैनाती और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करना आवश्यक है। उन्होंने प्रशासन से पर्यटकों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देने की मांग की है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

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