नैला-जांजगीर दुर्गोत्सव में पहुंचीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या साय, मां दुर्गा की आरती कर गाए भजन
जांजगीर-चांपा, 16 अक्टूबर (हि. स.)। नैला-जांजगीर के भव्य दुर्गोत्सव में कल देर शाम मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की धर्मपत्नी कौशल्या विष्णुदेव साय अपनी बेटी के साथ पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने मां दुर्गा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर आरती की और भजन गायन में शामिल होकर माता रानी का आशीर्वाद लिया। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, खुशहाली और मंगलमय जीवन की कामना की।
कौशल्या साय ने नैला-जांजगीर दुर्गोत्सव की भव्यता और धार्मिक वातावरण की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यहां की पूजा-पद्धति, वैदिक मंत्रोच्चार, धार्मिक शुद्धता और सनातन परंपराओं के प्रति समर्पण इस आयोजन को विशेष बनाते हैं। यही कारण है कि वे हर वर्ष माता रानी के दर्शन के लिए यहां आती हैं और भविष्य में भी आती रहेंगी।
इस दौरान कौशल्या साय ने गरबा आयोजनों में बढ़ती अश्लीलता पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नवरात्रि केवल उत्सव और मनोरंजन का पर्व नहीं, बल्कि मां दुर्गा की आराधना, उपासना और साधना का पवित्र अवसर है। ऐसे में गरबा जैसे धार्मिक आयोजनों की गरिमा बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने आयोजकों और श्रद्धालुओं से अपील की कि गरबा का आयोजन पारंपरिक वेशभूषा, मर्यादा और सनातन संस्कृति के अनुरूप किया जाए।
उन्होंने कहा कि हमारी धार्मिक परंपराएं और सांस्कृतिक धरोहर हमारी पहचान हैं। इन्हें सुरक्षित रखना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना प्रत्येक सनातनी का धर्म और कर्तव्य है। धार्मिक आयोजनों में आस्था, श्रद्धा और संस्कारों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे और युवा पीढ़ी अपनी संस्कृति से जुड़ी रहे।
कौशल्या साय ने नैला-जांजगीर दुर्गोत्सव के सफल आयोजन के लिए श्री श्री दुर्गा समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों की मेहनत की सराहना की। उन्होंने समिति के सदस्यों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजन समाज में आस्था, एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
हिन्दुस्थान समाचार/लालिमा शुक्ला पुरोहित
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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

