छग विधानसभा:प्रश्नकाल में गूंजा आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार, कुपोषण और स्वास्थ्य व्यवस्था और रेडी टू ईट का मामला

छग विधानसभा:प्रश्नकाल में गूंजा आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार, कुपोषण और स्वास्थ्य व्यवस्था और रेडी टू ईट का मामला
छग विधानसभा:प्रश्नकाल में गूंजा आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार, कुपोषण और स्वास्थ्य व्यवस्था और रेडी टू ईट का मामला


रायपुर, 13 फ़रवरी (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा बजट सत्र की कार्रवाई के सातवें दिन मंगलवार को महिला एवं बाल विकास विभाग से सवाल पूछे गए। इस दौरान अध्यक्ष रमन सिंह ने लक्ष्मी राजवाड़े की हौसला बढ़ाया और उनके पहले प्रश्नोत्तर काल के लिए शुभकामनाएं दीं। इस दौरान महिला बाल विकास मंत्री से जशपुर और पत्थलगांव जिले की महिला विधायकों ने प्रश्न किए।

पत्थलगांव विधायक गोमती साय ने सदन में आंगनबाड़ी केंद्रों में सुधार,कुपोषण और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर लक्ष्मी राजवाड़े से प्रश्न किया। इस दौरान जशपुर विधायक रायमुनि भगत ने लक्ष्मी राजवाड़े से पूछा कि सरकारी अस्पताल के कमोड में शिशु का जन्म हुआ था, यह घटना काफी दर्दनाक है। महिला को प्रसव पीड़ा हुई और वो वाशरूम गई। जहां के कमोड में बच्चे का जन्म हो गया।इसके बाद इस घटना को छिपाने के लिए पूरा अस्पताल प्रबंधन लगा रहा। विधायक रायमुनि भगत के मुताबिक घटना वाले दिन वो अस्पताल में छह घंटे तक थी।इस दौरान दोषी डॉक्टर और स्टॉफ को बचाने के लिए कोशिश होती रही।

सवालों के जवाब में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि उनके संज्ञान में यदि आंगनबाड़ी या कुपोषण से संबंधित मामले आए तो उस पर जरुर कार्रवाई होगी।साथ ही साथ रायमुनि भगत के सवाल के जवाब में लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि जिस घटना की महोदया ने बात की वो महिला एवं बाल विकास विभाग का नहीं है। ये पूरा मामला स्वास्थ्य विभाग का है। जिसके बाद कांग्रेस विधायक संगीता सिन्हा ने स्वास्थ्य विभाग से इस मामले में घोर लापरवाही बरतने वाले लोगों पर कार्रवाई की बात की।

आंगनबाड़ियों को लेकर कांग्रेस के सदस्य दिलीप लहरिया ने पूछा कितने आंगनबाड़ी केंद्र भवन विहीन हैं, कहां संचालित किए जा रहे हैं? इस पर जवाब देते हुए विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने बताया कि आंगनबाड़ियों का संचालन शासकीय भवनों में हो रहा हैं। इस तरह 76 आंगनबाड़ी केंद्र, 6 मिनी आंगनबाड़ी भवन विहीन हैं।

मंगलवार को सदन में रेडी टू ईट का मामला उठा। रायमुनी भगत ने कहा कि पहले महिला स्व-सहायता समूहों के पास यह काम था, लेकिन सरकार ने बीज निगम को दे दिया। उन्होंने महिला एवं बाल विकास मंत्री से पूछा कि क्या सरकार फिर से यह काम महिला स्व सहायता समूहों को सौंपेगी। इस पर जवाब देते हुए विभागीय मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा इस संबंध में विचार करेंगे। इस पर स्पीकर डॉ. रमन सिंह ने बड़े मुद्दे के निराकरण की दिशा में प्रयास के लिए मंत्री को बधाई दी।

प्रश्नकाल के दौरान चंद्रपुर से कांग्रेस विधायक ने रकबा कम होने पर भी धान की आवक ज्यादा होने पर सवाल किया।कृषि मंत्री से रामकुमार यादव ने पूछा कि यदि सरकार ये मान रही है कि रकबा कम हुआ है,तो फिर धान की आवक ज्यादा कैसे हो गई।यानी कहीं ना कहीं गड़बड़ी जरुर हुई है।इस दौरान अजय चंद्राकर और रामकुमार यादव के बीच तीखी बहस भी हुई।

प्रश्नकाल के दौरान धरमलाल कौशिक ने एक सुझाव भी दिया जिसमें धरमलाल कौशिक ने जानकारी दी कि सोसायटी में अब भी 25 लाख मीट्रिक टन धान जमा है।कई जगहों पर मौसम में बदलाव आया है। ऐसे में धान की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।कई जगहों पर धान सड़ेगा,कहीं पर जानवर उसे खा जाएंगे। ऐसे में धान की शार्टेज आएगी.इसलिए मैं मंत्री जी को सुझाव देना चाहता हूं कि वो अधिकारियों की बैठक लेकर धान की सुरक्षा को लेकर प्रयास करें।

विधानसभा में राशन कार्ड की संख्या का मामला - भाजपा विधायक मोतीलाल साहू ने सवाल किया पिछली सरकार ने ढिंढोरा पीटा था कि 40 लाख परिवार को ग़रीबी रेखा से बाहर लाया गया। क्या जो गड़बड़ी हुई, उसकी जांच करेंगे। इस पर मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि शिकायत आने पर जांच करेंगे।

विधायक मोतीलाल साहू ने पूछा कि 2018 की स्थिति में कितने बीपीएल और एपीएल कार्ड धारक थे और राशन कार्ड की संख्या में कितनी वृद्धि हुई है? खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने जवाब दिया कि 2018 की स्थिति में 14 लाख 64 हज़ार 855 अंत्योदय राशनकार्ड, 42 लाख 60 हज़ार 937 प्राथमिकता राशनकार्ड और 55 हजार 436 एकल निराश्रित राशनकार्ड प्रचलित थे। 18 लाख 56 हज़ार 436 राशन कार्ड में वृद्धि हुई है।

विधायक राजेश मूणत ने पूछा कि क्या राशन कार्ड आधार से लिंक होगा। चौथी बार कार्ड छत्तीसगढ़ में छप रहा है। पिछली सरकार ने आधार से लिंक नहीं किया। उन्होंने ही राशन कार्ड पर फोटो छापना चालू किया। मंत्री दयालदास बघेल ने कहा कि आधार से जोड़ रहे हैं।

राजधानी के हाईपर क्लब में गोली चलने का मामला सदन में विधायक धरमलाल कौशिक ने उठाया। उन्होंने सवाल करते हुए कहा कि राजधानी के वीआईपी रोड में टाइम लिमिट से ज्यादा वक्त तक बार खुल रहे हैं, गोली चल रही है, घटनाएं घट रही है। इस पर सख्ती करेंगे? उन्होंने पूछा कि रायपुर के बार क्लबों में गोलियां चल रही हैं, शराब के नशे में लड़के लड़कियां नाच रहे हैं। बिलासपुर में भी ऐसा ही माहौल है। इस पर लगाम लगाएंगे क्या? जिसका जवाब देते हुए मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सख्ती से नियम का पालन हो इसका निर्देश दिया गया है।

हिन्दुस्थान समाचार /केशव शर्मा

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