बदले मौसम का सेहत पर असर, सर्दी-खांसी और बुखार के मरीज बढ़े
धमतरी, 30 अक्टूबर (हि.स.)। अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की बढ़ी परेशानी, बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह
अर्नब चक्रवात के प्रभाव से मौसम में आए अचानक बदलाव का असर अब लोगों की सेहत पर भी दिखने लगा है। कभी बारिश, कभी बादल और तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते सर्दी, खांसी और बुखार जैसी मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। वहीं, पहले से गठियावात, अस्थमा और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों की परेशानी भी बढ़ गई है।
बदलते मौसम में बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। मौसम के लगातार बदलते मिजाज से लोगों की दिनचर्या भी प्रभावित हो रही है। बीते दो दिनों से मौसम में अचानक बदलाव देखने को मिल रहा है। शुक्रवार सुबह कुछ समय के लिए धूप निकली, लेकिन इसके बाद फिर आसमान में बादल छा गए। कभी ठंडक तो कभी उमस के बीच लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। जिला अस्पताल में भी उपचार के लिए पहुंचने वाले मरीजों की संख्या में बढ़ोतरी देखी जा रही है। इन दिनों अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 300 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
धमतरी के अलावा समीपस्थ बालोद जिले से भी बड़ी संख्या में लोग उपचार कराने आते हैं। चिकित्सकों के अनुसार तापमान में उतार-चढ़ाव, वातावरण में नमी और ठंड के संपर्क में आने से सर्दी-खांसी, गले में खराश और बुखार जैसी समस्याएं हो सकती हैं। मौसम में बदलाव का असर उन लोगों पर अधिक पड़ता है, जो पहले से अस्थमा या अन्य सांस संबंधी बीमारियों से जूझ रहे हैं। ऐसे मरीजों को सांस लेने में तकलीफ बढ़ने की आशंका रहती है। वहीं, गठियावात से पीड़ित लोगों को जोड़ों में दर्द और अकड़न की शिकायत हो सकती है। बदलते मौसम में बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।
बच्चों की सेहत का रखें विशेष ध्यान
शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. सीएल साहू का कहना है कि ठंडे वातावरण में अधिक समय तक रहने, बारिश में भीगने और खानपान में लापरवाही से बच्चों की तबीयत बिगड़ सकती है। इसलिए उनके कपड़ों, खानपान और साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखना चाहिए। बच्चों को मौसम के अनुकूल कपड़े पहनाएं और ठंड तथा नमी से बचाकर रखें। यदि बच्चे को लगातार बुखार, खांसी या सांस लेने में परेशानी हो तो घरेलू उपचार में समय गंवाने के बजाय चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।
गर्म भोजन और स्वच्छ पानी का करें सेवन
डॉ. यूएल कौशिक के अनुसार मौसम में बदलाव के दौरान खानपान और दिनचर्या पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। लोगों को गर्म और ताजा भोजन करने के साथ स्वच्छ पानी का सेवन करना चाहिए। बारिश में भीगने से बचें और यदि किसी कारण भीग जाएं तो जल्द से जल्द गीले कपड़े बदल लें। ठंड से बचाव के लिए मौसम के अनुरूप कपड़े पहनें तथा पर्याप्त आराम करें। सर्दी-खांसी या बुखार होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। यदि लंबे समय तक लक्षण बने रहें, तेज बुखार आए या सांस लेने में परेशानी हो तो तत्काल चिकित्सकीय सलाह लें। विशेष रूप से अस्थमा और अन्य पुरानी बीमारियों से पीड़ित मरीज अपनी निर्धारित दवाओं का नियमित सेवन करें।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

