बलरामपुर : नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ चैती छठ महापर्व, आज खरना पर व्रतियों की कठिन तपस्या

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बलरामपुर : नहाय-खाय के साथ शुरू हुआ चैती छठ महापर्व, आज खरना पर व्रतियों की कठिन तपस्या


बलरामपुर, 23 मार्च (हि.स.)। लोक आस्था और सूर्य उपासना के महापर्व चैती छठ का शुभारंभ रविवार को नहाय-खाय के साथ हुआ। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर जिले के रामानुजगंज क्षेत्र में व्रतियों ने पारंपरिक विधि से कद्दू-भात और चना दाल ग्रहण कर व्रत की शुरुआत की, वहीं बदले मौसम ने भी श्रद्धालुओं को राहत दी है।

चैती छठ महापर्व के पहले दिन नहाय-खाय के अवसर पर रामानुजगंज में सुबह से ही श्रद्धा और भक्ति का वातावरण देखने को मिला। व्रतियों ने नदी-तालाबों में स्नान कर शुद्धता के साथ भगवान सूर्य की उपासना का संकल्प लिया। इसके बाद घरों में विधिपूर्वक कद्दू-भात (कद्दू चावल) और चना दाल बनाकर प्रसाद स्वरूप ग्रहण किया गया, जिसे व्रत की शुरुआत का महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।

आज सोमवार को महापर्व का दूसरा दिन खरना मनाया जा रहा है। इस दिन व्रति निर्जला उपवास रखते हुए पूरे दिन भगवान सूर्य की आराधना करते हैं। शाम को सूर्यास्त के बाद विधिपूर्वक पूजा कर गुड़ की खीर, रोटी और फल आदि का प्रसाद बनाकर ग्रहण किया जाता है। खरना के साथ ही व्रतियों का 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू हो जाता है, जो उषा अर्घ्य के बाद ही पूर्ण होता है।

इस दौरान पूरे क्षेत्र में छठ पर्व को लेकर श्रद्धा और उत्साह चरम पर है। घरों और घाटों की साफ-सफाई के साथ पूजा सामग्री जुटाने का क्रम जारी है, वहीं बाजारों में भी पूजन सामग्री की खरीदारी बढ़ गई है।

इधर, मौसम में आए बदलाव ने व्रतियों को बड़ी राहत दी है। तापमान में करीब चार डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे भीषण गर्मी से राहत मिली है। यह अनुकूल मौसम आगामी संध्या अर्घ्य और उषा अर्घ्य के दौरान व्रतियों के लिए सहायक साबित होगा।

उल्लेखनीय है कि चार दिनों तक चलने वाले इस महापर्व में सूर्य देव और छठी मैया की आराधना के माध्यम से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। प्रशासन की ओर से भी घाटों पर व्यवस्थाओं को लेकर तैयारियां की जा रही हैं, ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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