छग विस : खान-बीज के मुद्दे पर शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव लाकर विपक्ष ने सरकार को घेरा
-कांग्रेस के 35 विधायक नियमानुसार हुए निलंबित
रायपुर, 14 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन खान-बीज के मुद्दे पर शून्यकाल में स्थगन प्रस्ताव लाकर विपक्ष ने सरकार को घेरा। खाद-बीज संकट के मुद्दे पर विपक्ष के भारी हंगामे और नारेबाजी के बाद कांग्रेस के 35 विधायक गर्भगृह में पहुँच गए और नियमानुसार स्वतः निलंबित हो गए ।
विपक्ष ने सरकार पर किसान विरोधी होने के साथ किसानों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया।विषय पर मंत्री रामविचार नेताम के जवाब से असंतुष्ट विपक्षी सदस्य नारेबाजी करते गर्भगृह में आ गए थे ।
शून्यकाल में किसानों से जुड़ी समस्याएं, खाद और उन्नत बीज की कमी को लेकर स्थगन की सूचना देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि खाद के लिए किसान परेशान हो रहे हैं। खाद का कोटा भी कम किया गया है। बारिश भी कम हुई है, जिससे बोनी भी पिछड़ी हुई है। किसान खाद के लिए भटकते रहे, खाद्य सोसायटी मे उपलब्ध नहीं था, लेकिन व्यापारियों के पास उपलब्ध है।किसानों को लुटा जा रहा, बिजली की कटौती की जा रही है।
नेता प्रतिपक्ष डॉ चरणदास महंत ने कहा कि डीएपी, पोटाश जैसे खाद नदारद है, किसान कृषि विभाग के कुप्रबन्धन का शिकार हो गए हैं।कई व्यापारियों ने खाद को खपाने के लिए जिस तरह दलाली शुरू कर दी है, वो चिंता का विषय है। किसानों पर चौतरफा प्रहार हो रहा है।
कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने विपक्ष के आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताते हुए खारिज किया। उन्होंने आंकड़े पेश कर कहा कि सहकारी समितियों में एनपीके का 95प्रतिशत और सिंगल सुपर फॉस्फेट का 146फ़ीसदी आवश्यक स्टॉक मौजूद है। मंत्री ने माना कि डीएपी की वैश्विक कमी के कारण 56फ़ीसदी स्टॉक ही उपलब्ध हो पाया है, लेकिन इसके लिए नैनो यूरिया और अन्य वैकल्पिक इंतजाम किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल की तुलना में इस बार 96,000 मीट्रिक टन अधिक खाद का भंडारण है और कालाबाजारी करने वालों पर लगातार छापे मारे जा रहे हैं।।खाद और बीज की पर्याप्त उप्लवधता सुनिश्चित कर ली गई है। प्रदेश में उर्वरक का लक्ष्य 15.55 लाख मीटिक टन के विरुद्ध लक्ष्य का 90 प्रतिशत लगभग 14 लाख मीट्रिक टन से ज्यादा उर्वरकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर लिया गया है।मांग के विरुद्ध 96 प्रतिशत बीजों का भंडारण कर लिया गया है।
उन्होंने बताया कि वैकल्पिक श्रोत जैसे एनपीके और सिंगल सुपर फास्फेट की भी उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। खाद के 94 नमूने जहां से अमानक पाए गए उनपर कार्रवाई भी की है।
कृषि मंत्री के इस जवाब से असंतुष्ट होकर कांग्रेस और अन्य विपक्षी विधायक 'किसान विरोधी सरकार' के नारे लगाते हुए सदन के गर्भगृह (वेल) में पहुंच गए। इसके बाद:विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने विपक्ष के स्थगन प्रस्ताव को खारिज कर दिया।सदन के नियमों के तहत, गर्भगृह में प्रवेश करते ही नारेबाजी कर रहे कांग्रेस विधायकों को स्वतः निलंबित कर दिया गया।इस हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही को कुछ समय के लिए स्थगित भी करना पड़ा। निलंबन के बाद नारेबाजी करते हुए विपक्ष के विधायक सदन से बाहर निकल गए।
हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

