छग विधान सभा : कृषि मंत्री नेताम ने कहा प्रदेश में खाद वितरण पूरी प्रक्रिया के तहत

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छग विधान सभा : कृषि मंत्री नेताम ने कहा प्रदेश में खाद वितरण पूरी प्रक्रिया के तहत


रायपुर, 16 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ विधानसभा में गुरुवार को प्रश्नकाल के दौरान विधायक दलेश्वर साहू ने सहकारिता एवं निजी क्षेत्रों को लक्ष्य के विरुद्ध खाद्य का वितरण का मुद्दा उठाया। डोंगरगाँव विधानसभा से कांग्रेस विधायक दलेश्वर साहू ने सहकारी समितियों और निजी क्षेत्रों को लक्ष्य के मुकाबले उर्वरक आवंटन में अंतर का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।मंत्री नेताम ने अपने जवाब में कहा है कि खाद वितरण पूरी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

विधायक दलेश्वर साहू ने सवाल किया कि उर्वरक आवंटन में सहकारी क्षेत्र को 48 प्रतिशत और निजी क्षेत्र को 52 प्रतिशत हिस्सा दिया गया है, जबकि सरकार के जवाब में 70 प्रतिशत का आंकड़ा बताया गया है। उन्होंने पूछा कि इन आंकड़ों में इतना अंतर क्यों है और सही स्थिति क्या है?यह विरोधाभास क्यों?

मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि 3 पन्नों में उत्तर उपलब्ध कराया गया है। खाद का कुल भंडारण सहकारिता क्षेत्र में 64 प्रतिशत का और निजी क्षेत्रों में कुल भंडारण 36 प्रतिशत है। आप कहां से आंकड़ा ला रहे है। ये तो आप गुमराह करने की स्थिति बना रहे हैं, मैं सही उत्तर दे रहा हूं। उन्होंने बताया कि वर्तमान में खाद का कुल भंडारण सहकारी क्षेत्र में 64 प्रतिशत और निजी क्षेत्र में 36 प्रतिशत है।

मंत्री नेताम ने कहा, आप कहां से आंकड़े ला रहे हैं? ऐसा करके भ्रम की स्थिति पैदा की जा रही है। सरकार की ओर से सही जानकारी दी गई है।

वहीं विधायक दलेश्वर साहू ने आरोप लगाया कि कई क्षेत्रों में लक्ष्य के विपरीत खाद का वितरण किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कुछ जगहों पर जितनी मात्रा की मांग की जा रही है, उससे अधिक खाद उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने मामले की जांच के लिए समिति गठित करने की मांग करते हुए कहा कि खाद कंपनियों पर सरकार का नियंत्रण नहीं दिख रहा है।

जवाब में मंत्री रामविचार नेताम ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में खाद की उपलब्धता सरकार की पहली प्राथमिकता है। इन इलाकों में परिवहन और पहुंच की समस्या के कारण पहले आपूर्ति की जाती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में समय पर खाद पहुंचाई जाती है।

उन्होंने कहा कि खाद कंपनियों का आवंटन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है। राज्य सरकार की भूमिका केवल यह तय करने की होती है कि किन क्षेत्रों में पहले खाद पहुंचाई जाए।

विधायक दलेश्वर साहू ने फिर सवाल उठाया कि क्या ऐसे क्षेत्रों की जांच कराई जाएगी, जहां 50 प्रतिशत से अधिक खाद आवंटित की गई है। इस पर मंत्री नेताम ने साफ कहा कि जांच की कोई आवश्यकता नहीं है, क्योंकि खाद वितरण पूरी प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

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