नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की सराहना की

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नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की सराहना की


नीति आयोग की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग के कार्यों की सराहना की


राज्य में निगरानी एवं मूल्यांकन का सशक्त और स्थायी तंत्र विकसित करने में हरसंभव सहयोग का दिया आश्वासन

राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक, स्टेट सपोर्ट मिशन के कार्यों की हुई समीक्षा

रायपुर, 09 अक्टूबर (हि.स.)। नीति आयोग, भारत सरकार के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय (डीएमईओ) की महानिदेशक निधि छिब्बर ने छत्तीसगढ़ राज्य नीति आयोग द्वारा नीति निर्माण, योजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की सराहना की है।

उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ ने कम समय में मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण पहल की है। उन्होंने राज्य में योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और उनके वास्तविक परिणामों के आकलन के लिए एक सशक्त एवं स्थायी निगरानी तथा मूल्यांकन तंत्र विकसित करने पर जोर देते हुए इस दिशा में डीएमईओ, नीति आयोग की ओर से हरसंभव सहयोग प्रदान करने का आश्वासन दिया।

राज्य नीति आयोग, छत्तीसगढ़ में आज शुक्रवार काे स्टेट सपोर्ट मिशन के अंतर्गत संचालित गतिविधियों एवं प्रस्तावित कार्ययोजनाओं की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने की। इस अवसर पर सचिव, योजना भुवनेश यादव सहित आयोग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

बैठक में राज्य नीति आयोग के उपाध्यक्ष गणेश शंकर मिश्रा ने महानिदेशक निधि छिब्बर का स्वागत करते हुए कहा कि राज्य नीति आयोग एक परामर्शदात्री एवं ज्ञान आधारित संस्था (थिंक टैंक) के रूप में प्रदेश के समग्र विकास को नई दिशा देने के लिए कार्य कर रहा है। आयोग द्वारा नीति निर्माण, योजनाओं की निगरानी, मूल्यांकन और विभागीय समन्वय के क्षेत्र में लगातार नवाचार किए जा रहे हैं।

मिश्रा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ को वर्ष 2047 तक विकसित राज्य बनाने के संकल्प को साकार करने की दिशा में राज्य नीति आयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए आवश्यक है कि योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे तथा उनके प्रभाव और परिणामों का आकलन ठोस आँकड़ों एवं वैज्ञानिक पद्धतियों के आधार पर किया जाए। उन्होंने कहा कि आयोग विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए डेटा आधारित नीति निर्माण और परिणामोन्मुखी कार्यसंस्कृति को प्रोत्साहित कर रहा है।

योजनाओं के मूल्यांकन में आईआईएम रायपुर और आईआईटी भिलाई की विशेषज्ञता का मिलेगा लाभ

सचिव, योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी, भुवनेश यादव ने कहा कि राज्य शासन योजनाओं की निगरानी एवं मूल्यांकन व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के लिए गंभीरता से कार्य कर रहा है। इस दिशा में भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) रायपुर और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) भिलाई जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों की विशेषज्ञता का सहयोग लिया जा रहा है। इससे योजनाओं के मूल्यांकन में आधुनिक तकनीक, शोध आधारित अध्ययन और शैक्षणिक विशेषज्ञता का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जा सकेगा।

नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन, अंजोर विजन पोर्टल पर भी कार्य जारी

बैठक में राज्य नीति आयोग की मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन इकाई तथा परियोजना क्रियान्वयन इकाई द्वारा संचालित एवं प्रस्तावित कार्यों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की गई। अधिकारियों ने बताया कि विभिन्न शासकीय योजनाओं के पायलट मूल्यांकन के लिए अध्ययन किए जा रहे हैं। ये अध्ययन नीति आयोग के विकास निगरानी एवं मूल्यांकन कार्यालय द्वारा निर्धारित मूल्यांकन ढाँचे पर आधारित हैं।

राज्य में डीएमईओ के आउटपुट-आउटकम मॉनिटरिंग फ्रेमवर्क (ओओएमएफ) तथा डेटा गवर्नेंस क्वालिटी इंडेक्स (डीजीओआई) को स्थानीय आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाया गया है। इसके अतिरिक्त नौ प्राथमिक क्षेत्रों में त्वरित अध्ययन किए जा रहे हैं। अंजोर विजन-2047 के लक्ष्यों की प्रगति की निगरानी एवं समीक्षा के लिए अंजोर विजन पोर्टल विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

छत्तीसगढ़ की पहल सराहनीय, निगरानी एवं मूल्यांकन का स्थायी तंत्र विकसित करना आवश्यक : निधि छिब्बर

महानिदेशक निधि छिब्बर ने राज्य नीति आयोग द्वारा कम समय में किए गए व्यापक कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ ने डीएमईओ के मूल्यांकन ढाँचों को राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अपनाने की दिशा में सराहनीय प्रयास किए हैं।

उन्होंने कहा कि योजनाओं की सफलता केवल उनके क्रियान्वयन तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है कि उनका वास्तविक लाभ लक्षित हितग्राहियों तक पहुँचे और अपेक्षित परिणाम प्राप्त हों। इसके लिए राज्य में निगरानी एवं मूल्यांकन का एक मजबूत, संस्थागत और स्थायी तंत्र विकसित किया जाना आवश्यक है।

छिब्बर ने कहा कि प्रभावी मॉनिटरिंग एवं मूल्यांकन व्यवस्था से योजनाओं की प्रगति का सटीक आकलन करने, कमियों की समय पर पहचान करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने में सहायता मिलेगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि छत्तीसगढ़ में इस व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए डीएमईओ, नीति आयोग द्वारा हरसंभव तकनीकी एवं संस्थागत सहयोग प्रदान किया जाएगा।

बैठक में संचालक, आर्थिक एवं सांख्यिकी तीर्थराज अग्रवाल सहित राज्य नीति आयोग के अधिकारी उपस्थित थे।

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हिन्दुस्थान समाचार / चन्द्र नारायण शुक्ल

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