26 वर्षों की विकास यात्रा में छत्तीसगढ़ ने बनाई नई पहचान : अजय चंद्राकर
राज्योत्सव-2026 का शुभारंभ
34 विभूतियों का होगा सम्मान, विभागीय प्रदर्शनियों में दिखी विकास और जनकल्याण की झलक
धमतरी, 02 नवंबर (हि.स.)। छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना के 26 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिला मुख्यालय स्थित एकलव्य खेल मैदान में राज्योत्सव-2026 का भव्य शुभारंभ कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के मुख्य आतिथ्य में हुआ। समारोह में छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोकसंस्कृति, परंपरा और विकास यात्रा का संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का शुभारंभ छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ हुआ।
इस अवसर पर विधायक अजय चंद्राकर ने प्रदेशवासियों को राज्योत्सव की बधाई देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ का गठन केवल एक नए राज्य का निर्माण नहीं, बल्कि यहां के लोगों की आकांक्षाओं, पहचान और विकास के सपनों को साकार करने की दिशा में ऐतिहासिक पहल थी। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से छत्तीसगढ़ राज्य का निर्माण संभव हुआ। बीते 26 वर्षों में प्रदेश ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क, विद्युत, उद्योग और सामाजिक विकास सहित विभिन्न क्षेत्रों में अपनी अलग पहचान बनाई है। यह उपलब्धियां प्रदेशवासियों के परिश्रम, जनभागीदारी और निरंतर विकास प्रयासों का परिणाम हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार गरीबों को पक्का आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना, किसानों को आर्थिक संबल देने के लिए प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, घर-घर स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए जल जीवन मिशन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए आयुष्मान भारत और उज्ज्वला योजना सहित अनेक जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित कर रही है। वहीं मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार भी किसानों, महिलाओं, युवाओं, श्रमिकों और गरीब परिवारों के कल्याण के लिए प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है। कृषक उन्नति योजना, महतारी वंदन योजना, श्री रामलला दर्शन योजना, दीनदयाल उपाध्याय भूमिहीन कृषि मजदूर कल्याण योजना और मुख्यमंत्री खाद्यान्न सहायता योजना से समाज के विभिन्न वर्गों को लाभ मिल रहा है। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के समन्वित क्रियान्वयन से प्रदेश के समग्र विकास को गति मिल रही है।
विधायक चंद्राकर ने कहा कि धमतरी जिला प्राकृतिक संपदा, कृषि परंपरा, जल संसाधन और सांस्कृतिक विरासत के लिए विशिष्ट पहचान रखता है। गंगरेल बांध, रविशंकर जलाशय, सिहावा क्षेत्र की प्राकृतिक संपदा तथा धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थल पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण हैं। पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा देने से स्थानीय युवाओं को रोजगार और ग्रामीण समुदायों को आजीविका के नए अवसर मिल सकते हैं। उन्होंने युवाओं से कौशल विकास, नवाचार और स्वरोजगार अपनाने तथा किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण की दिशा में आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण पर जोर देते हुए भूजल के विवेकपूर्ण उपयोग और वर्षा जल संचयन को भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक बताया। समारोह में जिले के विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा आकर्षक प्रदर्शनी स्टाल लगाए गए। विधायक चंद्राकर ने इनका अवलोकन कर विभागीय योजनाओं, उपलब्धियों, नवाचारों और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ की जानकारी ली।
राज्योत्सव का विशेष आकर्षण जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 34 विभूतियों का सम्मान रहा। इनमें आदिवासी समाज के उत्थान, चिकित्सा, खेल, शिक्षा, समाजसेवा, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, उद्यमिता, पर्यटन, लोककला, डिजिटल नवाचार और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रतिभाशाली लोग शामिल हैं। समारोह में स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकनृत्य और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत पर आधारित रंगारंग प्रस्तुतियां दीं। इन प्रस्तुतियों ने दर्शकों को प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान से रूबरू कराया। कार्यक्रम में कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 26 वर्षों की विकास यात्रा सभी के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है।
कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण सार्वा और महापौर रामू रोहरा ने भी संबोधित किया तथा राज्य और जिले में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी। इस अवसर पर जिला सहकारी केंद्रीय बैंक के अध्यक्ष निरंजन सिन्हा, पूर्व विधायक रंजना साहू, जिला पंचायत उपाध्यक्ष गौकरण साहू, पुलिस अधीक्षक भावना पांडेय, वनमंडलाधिकारी कृष्ण जाधव सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

