मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी लाने दिए निर्देश

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मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को शहरों में नागरिक सुविधाओं और विकास कार्यों में तेजी लाने दिए निर्देश


-800 करोड़ रुपये की लागत से 8 नगरीय निकायों में सीबीजी प्लांट

रायपुर, 08 सितंबर (हि.स.)। शहरों का विकास केवल अधोसंरचना निर्माण तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि नागरिकों को स्वच्छता, शुद्ध पेयजल, बेहतर सड़क, प्रकाश व्यवस्था और सुगम सार्वजनिक परिवहन जैसी मूलभूत सुविधाएं गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध रूप से मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज मंत्रालय महानदी भवन में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही।

मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि शहरी विकास से जुड़ी सभी योजनाओं में परिणाम स्पष्ट रूप से धरातल पर दिखाई देने चाहिए। उन्होंने योजनाओं और विकास कार्यों की नियमित समीक्षा, निर्माण की गुणवत्ता की सतत निगरानी तथा सभी स्वीकृत कार्यों को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।। उन्होंने विभाग की विभिन्न योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए कहा कि शासन द्वारा स्वीकृत विकास कार्यों का वास्तविक लाभ नागरिकों तक समय पर पहुंचे, यह अधिकारियों की प्राथमिक जिम्मेदारी है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने प्रदेश के नगरीय निकायों में युवाओं को अध्ययन के लिए आधुनिक और सुविधायुक्त वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बनाए जा रहे सेंट्रल लाइब्रेरी सह रीडिंग जोन ‘नालंदा परिसर’ की प्रगति की समीक्षा की। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने बताया कि योजना के अंतर्गत तीन वित्तीय वर्षों में प्रदेश के 38 नगरीय निकायों में नालंदा परिसर निर्माण की स्वीकृति दी गई है, जिनमें 31 कार्य वर्तमान में प्रगतिरत हैं।

मुख्यमंत्री श्री साय ने नगरोत्थान योजना की समीक्षा करते हुए शहरों में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर अधोसंरचना विकसित करने पर जोर दिया। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के 14 नगर निगमों के लिए प्रारंभ की गई इस योजना के तहत मुख्य सड़कों का चौड़ीकरण, बाईपास, फ्लाईओवर, सर्विस लेन और अंडरपास सहित यातायात से संबंधित आवश्यक अधोसंरचना का विकास किया जा रहा है।

बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों के सतत, संगठित एवं नागरिक-केंद्रित विकास के लिए ‘आदर्श शहर समृद्धि योजना’ प्रारंभ की गई है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में योजना के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है और इसके अंतर्गत 32 नगरीय निकायों का चयन किया गया है।

बैठक में 15वें वित्त आयोग के अंतर्गत भारत सरकार से प्राप्त अनटाइड एवं टाइड ग्रांट से किए जा रहे विकास कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इसके माध्यम से सड़क, नाली, प्रकाश व्यवस्था, जल प्रदाय, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन और वायु गुणवत्ता सुधार से संबंधित कार्य कराए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने शहरी ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक प्रबंधन पर जोर देते हुए प्रत्येक नगरीय निकाय में अपशिष्ट प्रसंस्करण के लिए प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी 1.0 और 2.0 की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने स्वीकृत आवासों, निर्माण की स्थिति, आबंटन और व्यवस्थापन की विस्तृत जानकारी ली।मुख्यमंत्री श्री साय ने अधिकारियों से कहा कि आवासों के आवंटन एवं व्यवस्थापन की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए, ताकि पात्र परिवारों को शीघ्र अपने पक्के आवास का लाभ मिल सके।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री ई-बस सेवा की तैयारियों की भी समीक्षा की। अधिकारियों ने बताया कि योजना के अंतर्गत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 ई-बसों के संचालन की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवश्यक अधोसंरचना संबंधी कार्य मार्च 2027 से पहले पूर्ण कर ई-बसों का संचालन प्रारंभ करने का लक्ष्य है।मुख्यमंत्री श्री साय ने अमृत मिशन 2.0 की समीक्षा के दौरान अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रदेश के नगरीय क्षेत्रों में शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करना प्राथमिकता का विषय है।

मुख्यमंत्री ने सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) के निर्माण में उच्च गुणवत्ता और आधुनिक तकनीक के उपयोग पर विशेष जोर दिया। उन्होंने स्लम रिडेवलपमेंट और लैंड मोनेटाइजेशन की दिशा में भी योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में प्रमुख सचिव सोनमणि बोरा ने भारत सरकार द्वारा परिवहन एवं औद्योगिक क्षेत्रों के लिए स्वच्छ एवं सतत ईंधन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से संचालित सतत योजना की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि योजना के अंतर्गत प्रदेश के 8 नगरीय निकायों में लगभग 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।

बैठक में उप मुख्यमंत्री अरुण साव, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक नीलेश महादेव क्षीरसागर, मुख्यमंत्री के संयुक्त सचिव प्रभात मलिक, सूडा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी सुमित अग्रवाल सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

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