छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले : स्टार्टअप मिशन, निर्यात नीति और एनएसटीआई को मंजूरी

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छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले : स्टार्टअप मिशन, निर्यात नीति और एनएसटीआई को मंजूरी


छत्तीसगढ़ कैबिनेट के बड़े फैसले : स्टार्टअप मिशन, निर्यात नीति और एनएसटीआई को मंजूरी


-सरकारी कर्मचारियों की आयु सीमा 45 वर्ष हुई

रायपुर, 09 सितंबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में बुधवार को मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में युवाओं के रोजगार, कौशल विकास, निर्यात संवर्धन और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

कैबिनेट ने ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’, ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ तथा नवा रायपुर में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एनएसटीआई) की स्थापना को मंजूरी दी। साथ ही शासकीय कर्मचारियों के लिए अन्य सेवाओं एवं उच्च पदों पर आवेदन की अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय लिया गया।

कैबिनेट ने युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास, उद्यमिता और नवाचार को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ‘मुख्यमंत्री स्टार्टअप एवं निपुण मिशन’ को मंजूरी दी। इस मिशन के लिए आगामी पांच वर्षों में 500 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसके तहत प्रदेश के सभी 33 जिलों में उद्यमिता विकास केंद्र, 100 इमर्जिंग टेक्नोलॉजी लैब और पांच इंडस्ट्री एक्सीलेंस सेंटर स्थापित किए जाएंगे। साथ ही निपुण जॉब इंजन के माध्यम से उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप कौशल विकास और औपचारिक रोजगार को प्रोत्साहित किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद ने राज्य को देश के प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में विकसित करने के उद्देश्य से ‘छत्तीसगढ़ निर्यात प्रोत्साहन नीति 2026-30’ को भी स्वीकृति प्रदान की। नई नीति के तहत निर्यात इकोसिस्टम और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना को मजबूत करने, निर्यातकों को बेहतर बाजार और व्यापार सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा कृषि एवं औद्योगिक उत्पादों के मूल्य संवर्धित निर्यात को बढ़ावा देने पर जोर दिया जाएगा। ई-कॉमर्स, व्यापार मेलों और प्रदर्शनियों के माध्यम से प्रदेश के उद्यमियों की अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच बढ़ाने का भी प्रावधान किया गया है।

बैठक में नवा रायपुर अटल नगर के ग्राम तेंदुवा में नेशनल स्किल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट की स्थापना के लिए भारत सरकार के कौशल विकास एवं उद्यमशीलता निदेशालय को 10 एकड़ भूमि निःशुल्क आवंटित करने का प्रस्ताव भी मंजूर किया गया। लगभग 200 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस संस्थान में प्रतिवर्ष एक हजार प्रशिक्षुओं को दीर्घकालिक तथा तीन हजार प्रशिक्षुओं को अल्पकालिक प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा।

मंत्रिपरिषद ने राज्य शासन के अधीन कार्यरत स्थायी, अस्थायी एवं संविदा कर्मचारियों, निगम-मंडलों, स्वशासी संस्थाओं के कर्मचारियों तथा नगर सैनिकों को अन्य शासकीय सेवाओं एवं उच्च पदों के लिए आवेदन करने में राहत देते हुए अधिकतम आयु सीमा 38 वर्ष से बढ़ाकर 45 वर्ष करने का निर्णय लिया। इसके लिए राज्य सरकार एकीकृत स्थायी दिशा-निर्देश जारी करेगी।

इसके अतिरिक्त, दुर्ग जिला न्यायालय के नवीन भवन निर्माण के लिए ग्राम तितुरडीह में बीआईटी कॉलेज के समीप चार हेक्टेयर भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई। इसके बदले भिलाई इस्पात संयंत्र को ग्राम पाहंदा, तहसील पाटन में 5.024 हेक्टेयर शासकीय भूमि आवंटित की जाएगी। इस निर्णय से दुर्ग में आधुनिक न्यायालय परिसर के निर्माण का मार्ग प्रशस्त होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / गेवेन्द्र प्रसाद पटेल

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