छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने माना राज्य में तीन लोगों की मलेरिया से हुई मौत

WhatsApp Channel Join Now
छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने माना राज्य में तीन लोगों की मलेरिया से हुई मौत


- स्वास्थ्य मंत्री श्यामबिहारी जायसवाल ने प्रेस कांफ्रेंस में दी विभागीय जानकारी

रायपुर, 30 जुलाई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्वीकार किया है कि राज्य में तीन लोगों की मलेरिया से मौत हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार की पूरी कोशिश है कि राज्य में एक भी मौत मलेरिया की वजह से न हो, और इस दिशा में स्वास्थ्य विभाग युद्ध स्तर पर काम कर रहा है।

गुरुवार को नवा रायपुर में आयोजित एक प्रेस वार्ता में उन्होंने कहा कि सरकार की रणनीतिक कार्ययोजना, स्वास्थ्य विभाग के सतत् प्रयासों एवं जनसहभागिता के परिणामस्वरूप घर-घर सर्वेक्षण, समय पर जांच, त्वरित उपचार, प्रभावी वेक्टर नियंत्रण तथा व्यापक जनजागरूकता के माध्यम से उल्लेखनीय सफलता प्राप्त हुई है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप बस्तर संभाग की मलेरिया पॉजिटिविटी दर 4.60 प्रतिशत से घटकर 0.48 प्रतिशत रह गई है, जबकि राज्य का वार्षिक परजीवी सूचकांक 5.21 से घटकर 0.90 पर पहुंच गया है।

श्याम बिहारी ने बताया कि वर्ष 2015 की तुलना में वर्ष 2025 तक मलेरिया के मामलों में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है।उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में 16.97 लाख कीटनाशकयुक्त मच्छरदानियों का वितरण कर मलेरिया नियंत्रण को और अधिक सुदृढ़ बनाया गया। इन उपलब्धियों के लिए भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर बेस्ट प्रैक्टिस के रूप में सम्मानित किया गया है।

मंत्री जायसवाल ने कहा कि बस्तर जहां लोगों ने दवा, नर्स, डॉक्टर नहीं देखे थे, उन्हें घर पहुंच इलाज मिल रहा है। नक्सलवाद के वजह विकास बाधित था। नक्सलवाद मुक्ति के बाद मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान चलाया गया, जिसमें 34 लाख से ज़्यादा लोगों तक स्वास्थ्य विभाग पहुंचा।नक्सलवाद मुक्ति के बाद मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बस्तर अभियान चलाया गया, जिसमें 34 लाख से ज़्यादा लोगों तक स्वास्थ्य विभाग पहुंचा। 60 हजार मरीजों को रेफर उच्च हॉस्पिटल भेजा गया, 10 हजार से ज़्यादा गर्भवती महिलाओं को चिन्हित कर काम किया गया। दो सालों में एक हज़ार डॉक्टरों की भर्ती की गई है। मातृत्व मृत्यु दर 142 से घट कर 122 हुआ है।

स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि बस्तर संभाग में संक्रमण को रोकने के लिए 'मलेरिया मुक्त बस्तर' अभियान तेजी से चलाया जा रहा है। इसके तहत 14 अगस्त तक 100% स्क्रीनिंग का लक्ष्य रखा गया है। जिन आदिवासी और दूरस्थ क्षेत्रों में कीटनाशक युक्त मच्छरदानियों की खरीद में देरी हुई थी, वहां अब खरीद प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य के आधारभूत संरचनाओं के विकास की जिक्र करते हुए कहा कि अति महत्वपूर्ण 3 नवीन मेडिकल कॉलेज कांकेर, कोरबा एवं महासमुंद के लिए निर्धारित कार्य किया गया है, जिनकी लागत क्रमशः राशि 321.71 करोड़, रुपये, 322.85 करोड़ रुपये, 321.80. करोड़ रुपये (कुल लागत राशि 966.36 करोड़) है, जिन्हें दिसंबर 2026 तक पूर्ण किए जाने का लक्षित किया गया है।

उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ राज्य के 25वें स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में चार नवीन चिकित्सा महाविद्यालय भवन, मनेन्द्रगढ़, जांजगीर-चांपा, कबीरधाम एवं गीदम (दंतेवाड़ा) का शिलान्यास प्रधानमंत्री द्वारा किया गया जिसका निर्माण लागत क्रमशः राशि 362.586 करोड़ रुपये, 357.247 करोड़ रुपये, 357.247 करोड़ रुपये एवं राशि 366.515 करोड़ रुपये मिलाकर कुल लागत राशि 1443.57 करोड़ रुपये है। इसके अतिरिक्त आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र जिला जशपुर के कुनकुरी में नवीन चिकित्सा महाविद्यालय सृजन एवं निर्माण कार्य के लिए राशि 359.00 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।

उन्होंने बताया कि बिलासपुर जिले के कोनी में छत्तीसगढ़ आयुर्विज्ञान संस्थान एवं चिकित्सालय के अधोसंरंचना एवं चिकित्सा सुविधाओं में आधारभूत परिवर्तन करने के लिए कोनी जिला बिलासपुर में भवन निर्माण एवं अधोसंरचना कार्य के लिए राशि 1412.44 करोड़ रुपए की स्वीकृति प्रदान की गई है।बिलासपुर में बनाए जा रहे राज्य कैंसर संस्थान का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 80फीसदी तक पूर्ण किया जा चुका है।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / केशव केदारनाथ शर्मा

Share this story