बलरामपुर : वन भूमि पर चला बुलडोजर, 31 अवैध कब्जे हटाए गए

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बलरामपुर : वन भूमि पर चला बुलडोजर, 31 अवैध कब्जे हटाए गए


बलरामपुर, 04 जून (हि.स.)। जिले में वन भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 31 अतिक्रमणकारियों को बेदखल कर दिया। वन विभाग, पुलिस विभाग और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गुरुवार को वनमंडल बलरामपुर अंतर्गत वन परिक्षेत्र धमनी के उप परिक्षेत्र नवाडीह के बीट अन्नपारा स्थित ग्राम गाजर में व्यापक अभियान चलाकर संरक्षित वन क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त कराया।

कार्रवाई के दौरान संरक्षित वन कक्ष क्रमांक पी 953 में बनाए गए अवैध मकानों पर बुलडोजर चलाया गया और वन भूमि पर किए गए कब्जों को हटाया गया। प्रशासनिक कार्रवाई के बाद कुल 3.851 हेक्टेयर वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया गया है।

वन विभाग के अनुसार ग्राम गाजर में कुल 34 अतिक्रमण प्रकरण दर्ज थे। इनमें से कुछ मामले माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण उन पर कार्रवाई नहीं की गई, जबकि शेष 31 मामलों में विधिसम्मत प्रक्रिया पूरी करने के बाद बेदखली की कार्रवाई की गई।

वन विभाग के अधिकारियाें ने बताया कि अतिक्रमणकारियों को अचानक बेदखल नहीं किया गया। इसके पहले भारतीय वन अधिनियम 1927 की धारा 80 (ए) के तहत वनमंडलाधिकारी बलरामपुर द्वारा नोटिस जारी किए गए थे। संबंधित लोगों को अतिक्रमण हटाने और भूमि खाली करने के लिए कई अवसर भी दिए गए थे। निर्धारित समयावधि बीत जाने के बाद संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई को अंजाम दिया।

कार्रवाई के दौरान प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आया। मौके पर अनुविभागीय अधिकारी राजस्व रामानुजगंज, अनुविभागीय अधिकारी पुलिस रामानुजगंज, उप वन मंडलाधिकारी वाड्रफनगर, तहसीलदार रामानुजगंज और रामचंद्रपुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। इसके अलावा वन परिक्षेत्राधिकारी धमनी, वाड्रफनगर, रघुनाथनगर, रामानुजगंज, बलरामपुर, चांदो तथा काष्ठागार के अधिकारी-कर्मचारियों के साथ वन सुरक्षा श्रमिकों की बड़ी टीम भी अभियान में शामिल रही।

ग्राम गाजर के सरपंच, पंचगण और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति में पूरी कार्रवाई शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। प्रशासन ने कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल भी तैनात किया था।

वन विभाग ने बताया कि अतिक्रमण से मुक्त कराई गई भूमि को अब पुनः हरित क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाएगा। आगामी वर्षा ऋतु में स्थानीय ग्राम पंचायत, जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सहभागिता से वन महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। इस दौरान अतिक्रमण मुक्त कराई गई भूमि पर व्यापक वृक्षारोपण कर वन क्षेत्र को पुनर्स्थापित करने की योजना है।

वनमंडलाधिकारी बलरामपुर ने सभी वन अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि वन अपराधों के प्रति किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। उन्होंने अवैध अतिक्रमण, अवैध कटाई, अवैध चराई तथा वन्य प्राणियों से संबंधित अपराधों को गंभीरता से लेते हुए सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

प्रशासन की इस कार्रवाई को जिले में वन भूमि संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लंबे समय से अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे क्षेत्र में हुई इस कार्रवाई से यह संदेश भी गया है कि वन भूमि पर अवैध कब्जा करने वालों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई जारी रहेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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