धमतरी के मुरुमसिल्ली जलाशय में डूबे दो मछुआरों के शव बरामद
मुरुमसिल्ली जलाशय में डूबे दो मछुआरों के शव बरामद
- गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन की गोताखोर टीम ने चलाया रेस्क्यू अभियान
धमतरी, 13 सितंबर (हि.स.)। मुरुमसिल्ली जलाशय के आश्रित ग्राम गेदारापारा और बागडोंगरी निवासी दो मछुआरों के शव रविवार को रेस्क्यू अभियान के दौरान बरामद कर लिए गए। दोनों शनिवार देर शाम तेज जलप्रवाह में बह गए थे। गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन छत्तीसगढ़ की गोताखोर टीम ने अभियान चलाकर दोनों के शव बाहर निकाले।
जानकारी के अनुसार, देवकरण और लोकेश मांडवी, जो रिश्ते में मामा-भांजे थे, 12 सितंबर की शाम गेदारापारा स्थित रपटा (चेकडेम) के पास मछली पकड़ने गए थे। इसी दौरान एक का पैर फिसल गया और वह तेज बहाव में बहने लगा। उसे बचाने के प्रयास में दूसरा भी पानी की चपेट में आ गया और दोनों लापता हो गए।
घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने संबंधित थाना और नगर सेना को जानकारी दी। रात होने तथा तेज बहाव के कारण देर रात तक चले खोज अभियान में दोनों का पता नहीं चल सका।
रविवार सुबह सूचना मिलने पर गंगरेल ब्लू एडवेंचर स्पोर्ट एसोसिएशन की गोताखोर टीम सतवंत कुमार महिलांग के नेतृत्व में घटनास्थल पहुंची और व्यवस्थित तरीके से खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया। काफी तलाश के बाद एक मछुआरे का शव घटनास्थल से लगभग 100 मीटर दूर झाड़ियों में फंसा मिला, जबकि दूसरे का शव भी कुछ दूरी पर बरामद कर लिया गया। दोनों शवों को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद परिजनों को सौंप दिया गया।
इस बीच जिले में लगातार हो रही बारिश और जलाशयों में बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से नदी-नालों, रपटों, छोटे पुल-पुलियों तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। प्रशासन ने तेज बहाव वाले पानी में पैदल या वाहन से आवागमन नहीं करने तथा बच्चों को जलभराव वाले स्थानों से दूर रखने की सलाह दी है।
कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने कहा कि प्रशासन स्थिति पर लगातार निगरानी रखे हुए है। गंगरेल बांध के सात गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है, जिससे महानदी और आसपास के नदी-नालों का जलस्तर बढ़ सकता है। उन्होंने नागरिकों से सतर्क रहने, आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने तथा प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि थोड़ी-सी सावधानी किसी बड़े हादसे को टाल सकती है।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

