अंबिकापुर : बिहान योजना ने जगपति के जीवन में लाया बदलाव, ईंट निर्माण इकाई से बनीं ‘लखपति दीदी’

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अंबिकापुर : बिहान योजना ने जगपति के जीवन में लाया बदलाव, ईंट निर्माण इकाई से बनीं ‘लखपति दीदी’


अंबिकापुर, 24 मार्च (हि.स.)। ग्रामीण महिलाओं के जीवन में छत्तीसगढ़ शासन की ‘बिहान’ योजना स्वावलंबन की नई रोशनी बिखेर रही है। सरगुजा जिले के ग्राम पंचायत की निवासी जगपति राजवाड़े आज एक सफल उद्यमी के रूप में उभरकर सामने आई हैं। कभी आर्थिक तंगी का सामना करने वाली जगपति अब न केवल अपने परिवार का संबल बनी हैं, बल्कि समाज में उनकी पहचान एक ‘लखपति दीदी’ के रूप में हो रही है।

समूह से मिला सहारा, ईंट निर्माण से संवरी राह

जय लक्ष्मी महिला स्वयं सहायता समूह से जुड़ीं जगपति बताती हैं कि पहले उनके घर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आगे बढ़ने का हौसला मिला। उन्होंने ईंट निर्माण का व्यवसाय शुरू करने का निर्णय लिया और समूह के माध्यम से 1 लाख 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त किया। इस राशि से उन्होंने अपनी ईंट निर्माण इकाई स्थापित की, जो आज उनके परिवार की आय का मुख्य स्रोत बन गई है।

आवास योजना में खप रही ईंटें, आर्थिक स्थिति में सुधार

जगपति के इस व्यवसाय को प्रधानमंत्री आवास योजना से बड़ा सहारा मिला है। उनके द्वारा निर्मित ईंटों की आपूर्ति स्थानीय स्तर पर बन रहे आवासों के लिए की जा रही है। जगपति ने बताया कि इस काम से हुई कमाई से उन्होंने लोन की बड़ी किस्तें पटा दी हैं और अब उनका अपना पक्का मकान भी बन रहा है। उन्होंने भावुक होकर कहा, “आज मैं अपने पैरों पर खड़ी हूँ, इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय भैया को बहुत-बहुत धन्यवाद देती हूँ।

जिले में 271 ईंट निर्माण इकाइयां संचालित

कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार अग्रवाल के कुशल नेतृत्व में सरगुजा जिले में महिला सशक्तीकरण को विशेष बढ़ावा दिया जा रहा है। वर्तमान में जिले में 271 स्व-सहायता समूहों के माध्यम से ईंट निर्माण इकाइयों का सफल संचालन किया जा रहा है। इन इकाइयों द्वारा निर्मित सामग्री का अधिकतम उपयोग शासन की विभिन्न आवास योजनाओं में किया जा रहा है, जिससे महिलाओं को सीधा बाजार और सुनिश्चित आय प्राप्त हो रही है।

लखपति दीदी अभियान को मिल रही गति

जिले में बिहान योजना के माध्यम से महिलाओं को न केवल कौशल प्रशिक्षण दिया जा रहा है, बल्कि उन्हें बैंकिंग और बाजार से जोड़कर आर्थिक रूप से सशक्त बनाया जा रहा है। जगपति राजवाड़े जैसी हजारों महिलाएं आज ’लखपति दीदी’ बनकर जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति दे रही हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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