कोरिया : डिजिटल सेवा केंद्र ने बदली तकदीर, रानी कुर्रे बनीं आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी

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कोरिया : डिजिटल सेवा केंद्र ने बदली तकदीर, रानी कुर्रे बनीं आत्मनिर्भरता की प्रेरक कहानी


कोरिया, 24 मार्च (हि.स.)। ग्रामीण अंचल की महिलाओं के लिए रानी कुर्रे आज एक मिसाल बनकर सामने आई हैं, जिन्होंने अपने हौसले, मेहनत और डिजिटल तकनीक के सहारे आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है। कोरिया जिले के ग्राम रनई की निवासी और शिखा महिला स्व-सहायता समूह से जुड़ी रानी ने आर्थिक चुनौतियों को अवसर में बदलते हुए अपनी पहचान कायम की है।

बिहान योजना के तहत वर्ष 2024-25 में समूह से 50 हजार रुपये का ऋण प्राप्त कर रानी ने कस्टमर सर्विस सेंटर की शुरुआत की। इस केंद्र के माध्यम से वे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बिजली बिल भुगतान सहित विभिन्न शासकीय सेवाएं ग्रामीणों तक पहुंचा रही हैं, जिससे गांव के लोगों को अब दूर जाने की जरूरत नहीं पड़ती।

शुरुआती दौर में डिजिटल सेवाओं को लेकर लोगों में जागरूकता की कमी और विश्वास की चुनौती थी, लेकिन रानी ने धैर्य और लगातार प्रयासों से इसे पार किया। धीरे-धीरे उनका केंद्र ग्रामीणों के लिए भरोसेमंद सुविधा केंद्र बन गया और उनकी सेवाओं की मांग बढ़ती चली गई।

आज रानी कुर्रे हर महीने 14 हजार से अधिक की आय अर्जित कर रही हैं और सालाना करीब 1 लाख 50 हजार रुपये कमा रही हैं। इससे न केवल उनके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है, बल्कि वे अन्य महिलाओं के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन गई हैं।

रानी की यह सफलता कहानी बताती है कि यदि संकल्प और सही दिशा मिले, तो ग्रामीण महिलाएं भी आत्मनिर्भर बनकर समाज में अपनी अलग पहचान स्थापित कर सकती हैं।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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