बाल देख-रेख संस्थाओं से बाहर आने वाले युवाओं को प्रदान की गई साइकिल
जगदलपुर, 25 अगस्त (हि.स.)। बाल कल्याण समिति, बस्तर (न्यायपीठ) के मार्गदर्शन में कैटेलिस्ट्स फॉर सोशल एक्शन द्वारा संचालित आफ्टर केयर कार्यक्रम के माध्यम से बाल देख-रेख संस्थाओं से बाहर आने वाले युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण एवं रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने का प्रयास किया जा रहा है। इसी क्रम में आज मंगलवार काे बुकालू पोयामी और लक्ष्मण नाग को प्रशिक्षण के लिए आने-जाने हेतु एक-एक साइकिल प्रदान की गई। बुकालू पोयामी को माइक्रो फाइनेंस एक्ज़ीक्यूटिव के तीन माह के प्रशिक्षण तथा लक्ष्मण नाग को डिप्लोमा इन कंप्यूटर आप्लिकेशन के एक वर्षीय पाठ्यक्रम में प्रवेश दिलाया गया है।
बाल कल्याण समिति, बस्तर (न्यायपीठ) के अध्यक्ष नरेंद्र पाणिग्राही ने कहा कि आफ्टर केयर कार्यक्रम का उद्देश्य बाल देखरेख संस्थाओं से बाहर आने वाले युवाओं को शिक्षा, कौशल प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के साथ आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने से युवाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे सम्मानजनक जीवन की ओर आगे बढ़ते हैं। समिति द्वारा युवाओं की रुचि और क्षमता के अनुसार उन्हें निरंतर सहयोग प्रदान किया जाएगा।
सीएसए के कार्यक्रम अधिकारी योगेश ठाकुर ने बताया कि आफ्टर केयर कार्यक्रम के तहत ऐसे बालक-बालिकाओं को सहायता दी जा रही है, जो पूर्व में बाल देख-रेख संस्थाओं में निवासरत रहे हैं अथवा 18 वर्ष की आयु पूर्ण करने के बाद अपने परिवार के साथ रह रहे हैं। संस्था में निवासरत बच्चे 17 से 18 वर्ष के बीच के उन्हें भी उनकी रुचि एवं क्षमता के अनुसार विभिन्न शैक्षणिक एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थानों में प्रवेश दिलाया जाता है, तथा प्रशिक्षण का पूरा शुल्क कैटेलिस्ट्स फॉर सोशल एक्शन द्वारा वहन किया जाता है। प्रशिक्षण केंद्र तक आने-जाने के लिए आवश्यकतानुसार साइकिल भी उपलब्ध कराई जाती है। इसके पूर्व दो बालकों एवं तीन बालिकाओं को भी आफ्टर केयर कार्यक्रम का लाभ दिया जा चुका है। वर्तमान में वे विभिन्न प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
इस अवसर पर बाल कल्याण समिति के सदस्य वर्षा श्रीवास्तव, धनेश्वरी वर्मा, रामकृष्ण ठाकुर, संतोष जोशी, परामर्शदाता रंजीता देवांगन एवं सुनील कर्मा उपस्थित थे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

