भारतमाला परियोजना को लेकर ग्रामीणों में संशय, भू-अर्जन और मुआवजे पर स्थिति स्पष्ट करने की मांग
रायगढ़, 02 सितंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय राजमार्ग-130ए के तहत प्रस्तावित भारतमाला सड़क परियोजना को लेकर धरमजयगढ़ के वार्ड क्रमांक-10 तेंदुमार के निवासियों ने भू-अर्जन, मुआवजा और प्रभावित परिवारों के अधिकारों के संबंध में प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी किए बिना निर्माण कार्य शुरू नहीं किया जाना चाहिए।
मंगलवार को वार्डवासियों ने बैठक आयोजित कर अपनी मांगों और आशंकाओं पर चर्चा की। इसके बाद ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने धरमजयगढ़ के एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर परियोजना से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की।
ज्ञापन में ग्रामीणों ने सड़क निर्माण से प्रभावित होने वाली भूमि, मकानों और अन्य संपत्तियों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने, प्रस्तावित सड़क की वास्तविक सीमा और मार्गरेखा स्पष्ट करने तथा भू-अर्जन की वर्तमान स्थिति और अब तक की गई कार्रवाई की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।ग्रामीणों ने मुआवजे के निर्धारण, भुगतान की प्रक्रिया और प्रभावित परिवारों को भू-अर्जन से संबंधित आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने की भी मांग उठाई है। उनका कहना है कि भू-अर्जन और मुआवजे की प्रक्रिया पूरी होने से पहले प्रभावित भूमि पर सड़क निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं किया जाए।ग्रामीणों ने प्रशासन और प्रभावित परिवारों के बीच संयुक्त बैठक आयोजित कर सभी बिंदुओं पर स्पष्ट जानकारी देने की मांग भी की। उनका कहना है कि वे सड़क निर्माण जैसी विकास परियोजना के विरोध में नहीं हैं, लेकिन प्रभावित परिवारों के अधिकारों और हितों की रक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।धरमजयगढ़ के एसडीएम ने ग्रामीणों की मांगों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक जानकारी शीघ्र उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि भू-अर्जन अथवा मुआवजे से संबंधित किसी भी समस्या के समाधान के लिए प्रभावित परिवार प्रशासन से सीधे संपर्क कर सकते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान

