बस्तर सांसद ने प्रधानमंत्री राहत कोष से पांच सौ करोड़ की विशेष आर्थिक सहायता की मांग

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बस्तर सांसद ने प्रधानमंत्री राहत कोष से पांच सौ करोड़ की विशेष आर्थिक सहायता की मांग


जगदलपुर, 03 अक्टूबर (हि.स.)। बस्तर सांसद महेश कश्यप ने हाल ही में बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से बस्तर संभाग में हुई मुसलाधार बारिश तथा पड़ोसी राज्य ओडिशा के खातीगुड़ा बांध से भारी मात्रा में पानी छोड़े जाने के कारण निर्मित हुई भीषण बाढ़ त्रासदी के बाद बाढ़ से प्रभावित जिलों का दौरा कर स्थिति की गंभीरता को देखा।

सांसद महेश कश्यप ने शनिवार काे केंद्र सरकार, प्रधानमंत्री कार्यालय तथा जल शक्ति मंत्रालय को पत्र भेजकर तत्काल आर्थिक सहायता, पुनर्वास एवं दीर्घकालिक समाधान की मांग की है। सांसद ने केंद्र सरकार से आग्रह किया है कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के जमीनी सत्यापन हेतु एक अंतर मंत्रालयी केंद्रीय टीम तुरंत बस्तर भेजी जाए और बस्तर के पुनरुद्धार हेतु विशेष राहत पैकेज को बिना विलंब मंजूरी प्रदान की जाए।

बस्तर सांसद महेश कश्यप ने देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को प्रेषित पत्र में अवगत कराया है कि सितंबर माह में अतिवृष्टि तथा इन्द्रावती नदी के उफान पर आने से बस्तर,सुकमा और बीजापुर जिलों के सैकड़ों गांव एवं निचले इलाके पूरी तरह जलमग्न हो चुके हैं। इस भीषण प्राकृतिक आपदा में बस्तर जिले के लगभग सात सौ कच्चे पक्के मकान जमींदोज हो गए हैं। इसी प्रकार बस्तर लोकसभा के सुकमा, बीजापुर जिले में मकान पूरी तरह ध्वस्त हो चुके हैं। इसके अलावा क्षेत्र में सड़कें, पुल पुलिया, कृषि फसलें तथा जन धन को भारी क्षति पहुँची है। आपदा की इस कठिन स्थिति से बस्तरवासियों को उबारने के लिए सांसद कश्यप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अनुरोध किया है कि प्रभावित परिवारों के पुनर्वास, मकान निर्माण तथा क्षतिग्रस्त बुनियादी ढांचे को दुरुस्त करने हेतु प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से कुल पांच सौ करोड़ की विशेष वित्तीय सहायता स्वीकृत की जाए। इस मांग के अंतर्गत बस्तर जिले के लिए तीन सौ करोड़, सुकमा जिले के लिए सौ करोड़ तथा बीजापुर जिले के लिए सौ करोड़ की राशि शामिल है।

बस्तर सांसद ने विश्वास जताया है कि प्रधानमंत्री की संवेदनशीलता हमेशा की तरह इस बार भी संकट में फंसे बस्तर के नागरिकों व आदिवासियों को राहत प्रदान करेगी। सांसद महेश कश्यप ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री एवं अध्यक्ष राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण नई दिल्ली को भी विस्तृत ज्ञापन प्रेषित किया है। इसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि बाढ़ से तबाह हुई खरीफ फसलों का आंकलन कर किसानों को प्रति एकड़ विशेष राहत राशि तुरंत स्वीकृत की जाए। साथ ही जिन बेघर परिवारों के मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत तत्काल नया मकान व आजीविका सहायता दी जाए तथा पशुधन व छोटे दुकानदारों के नुकसान का मुआवजा सीधे डीबीटी के माध्यम से हस्तांतरित किया जाए। इन्द्रावती नदी और जोरा नाला के जल भराव व अनियंत्रित कटाव की स्थायी समस्या पर ध्यान आकर्षित करते हुए सांसद ने आधुनिक हाइड्रोलॉजिकल अध्ययन कराकर नया व संशोधित विस्तृत प्रोजेक्ट रिपोर्ट तैयार करने तथा जोरा नाला पर स्वचलित व गेटेड कंट्रोल स्ट्रक्चर बनाने की मांग रखी है।

इसके अतिरिक्त,केंद्रीय जल आयोग के मार्गदर्शन में इन्द्रावती नदी के तल से वर्षों पुरानी जम चुकी गाद हटाने हेतु ड्रेजिंग प्रोजेक्ट स्वीकृत करने, नदी के जलागम क्षेत्रों में पौधारोपण व मृदा संरक्षण करने तथा जगदलपुर शहर के लिए अमृत योजना के तहत एकीकृत स्टॉर्म वॉटर ड्रेनेज व नदी तटों पर पक्के गाइड बांध बनाने का आग्रह किया गया है। ओडिशा राज्य द्वारा खातीगुड़ा बांध से अचानक पानी छोड़े जाने के कारण पैदा होने वाले खतरे को नियंत्रित करने के लिए सांसद ने केंद्रीय जल आयोग की मध्यस्थता में एक रियल टाइम डेटा शेयरिंग एवं ऑटोमेटेड अर्ली वार्निंग सिस्टम स्थापित करने की आवश्यकता बताई है,ताकि पानी छोड़े जाने से कम से कम चौबीस से अड़तालिस घंटे पूर्व निचले इलाकों को सुरक्षित खाली कराया जा सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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