बस्तर दशहरा 2026, सिरहासार भवन में संपन्न हुई डेरी गड़ाई पूजा विधान

WhatsApp Channel Join Now
बस्तर दशहरा 2026, सिरहासार भवन में संपन्न हुई डेरी गड़ाई पूजा विधान


जगदलपुर, 24 सितंबर (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध सबसे लंबी अवधि तक चलने वाले रियासत कालीन बस्तर दशहरा पर्व के दूसरी रस्म डेरी गड़ाई पूजा विधान गुरुवार को सिरहासार भवन में पारंपरिक विधि-विधान के साथ संपन्न करवाया गया ।

बस्तर दशहरा पर्व के डेरी गढ़ाई पूजा विधान में बिरिंगपाल के ग्रामीणों के द्वारा 10 फीट की साल वृक्ष की दो शाखाओं को लाकर सिरहासार भवन के 02 स्तंभों के साथ जमीन खोदकर बनाए गए गड्ढे में अंडा, जीवित मोंगरी मछली और अन्य पूजन सामग्री अर्पित की जाती है, फिर उन गड्ढों में दो शाखाओं को स्थापित किया जाता है, जिसे डेरी गड़ाई पूजा विधान कहते है। इस रस्म के बाद बस्तर दशहरा के विशालकाय दुमंजिला लकड़ी के रथो के निर्माण के लिए लकड़ी लाना शुरू कर दिया जाता है।

इस ऐतिहासिक एवं पारंपरिक आयोजन में जनभागीदारी और प्रशासनिक सहभागिता का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम में सांसद एवं बस्तर दशहरा समिति के अध्यक्ष महेश कश्यप, बस्तर दशहरा समिति के उपाध्यक्ष बलराम मांझी, महापौर संजय पाण्डे सहित कमिश्नर डोमन सिंह, कलेक्टर आकाश छिकारा, पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा तथा अपर कलेक्टर सीपी बघेल और अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। इसके साथ ही विभिन्न परगनों से पहुंचे मांझी-चालकी, नाइक-पाइक, मेम्बर-मेम्बरीन, पुजारी, गायता, सिरहा-गुनिया, पेरमा सहित बड़ी संख्या में पारंपरिक मुखिया और श्रद्धालु नागरिक डेरी गढ़ाई पूजा विधान के साक्षी बने।

---------------

हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

Share this story