रायगढ़ के पंचधारी एनीकट में नहाने, पिकनिक और सेल्फी लेने पर लगा प्रतिबंध, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
रायगढ़, 12 मई (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के पंचधारी एनीकट में लगातार हो रही डूबने की घटनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन ने सख्त कदम उठाए हैं। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मयंक चतुर्वेदी ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत 11मई 2026 से निषेधाज्ञा जारी कर एनीकट क्षेत्र में कई गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है।
साेमवार की देर रात जारी आदेश के अनुसार पंचधारी एनीकट के मुख्य जलभराव क्षेत्र, स्पिलवे, डाउनस्ट्रीम और आसपास के जलस्रोतों में तैराकी, स्नान, गोताखोरी, कपड़े धोने या किसी भी कारण से पानी में उतरने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।प्रशासन ने इन क्षेत्रों को अत्यधिक जोखिमपूर्ण बताते हुए लोगों को वहां जाने से बचने की अपील की है।
एनीकट के किनारे, रिटेनिंग वॉल, गेट और फिसलनयुक्त चट्टानों पर खड़े होकर सेल्फी लेना, वीडियोग्राफी करना, रील बनाना और फोटोग्राफी पर भी ूपूरी तरह से प्रतिबंधित लगा दिया गया है। प्रशासन ने इन हिस्सों को “नो गो जोन” घोषित किया है।
वहीं सुरक्षा कारणों से शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक पंचधारी एनीकट और आसपास के सुनसान क्षेत्रों में आम नागरिकों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा 500 मीटर के दायरे में शराब, गांजा या अन्य नशीले पदार्थों के सेवन पर भी रोक लगाई गई है।
जारी आदेश में शासन ने बिना अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) की पूर्व अनुमति के एनीकट परिसर में किसी भी प्रकार की सामूहिक पिकनिक, पार्टी, स्कूल या कॉलेज टूर के आयोजन पर भी प्रतिबंध लगाया है। आदेश के प्रभावी पालन के लिए पुलिस विभाग को एनीकट के मुख्य मार्गों पर चेक पोस्ट लगाने और सप्ताहांत में विशेष पेट्रोलिंग करने के निर्देश दिए गए हैं। जल संसाधन विभाग को खतरनाक क्षेत्रों में बैरिकेडिंग, फेंसिंग और चेतावनी बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
उल्लंघन करने वालों पर दर्ज होगी एफआईआर
कलेक्टर द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों या संस्थाओं के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और अगले 60 दिनों तक प्रभावी रहेगा।
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हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान

