बलरामपुर में विद्यार्थियों ने चलाया ई-कचरा जागरूकता अभियान, स्कूलों में बनाए गए ई-वेस्ट कॉर्नर

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बलरामपुर में विद्यार्थियों ने चलाया ई-कचरा जागरूकता अभियान, स्कूलों में बनाए गए ई-वेस्ट कॉर्नर


बलरामपुर, 29 अक्टूबर (हि.स.)। ई-कचरे से होने वाले प्रदूषण और उसके सुरक्षित निपटान के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए जिले के विभिन्न विद्यालयों में विद्यार्थियों ने अभियान चलाया। गुरुवार को ई-कचरा प्रबंधन दिवस के अवसर पर ‘इको क्लब फॉर मिशन लाइफ’ के तहत आयोजित कार्यक्रमों में छात्र-छात्राओं ने पोस्टर, चित्रकला और ई-कचरा संग्रहण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी के निर्देशन और जिला शिक्षा अधिकारी नरेंद्र कुमार निरापुरे के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों का उद्देश्य ई-कचरे के दुष्प्रभावों और उसके उचित निपटान के तरीकों के प्रति जनजागरूकता बढ़ाना था।

बलरामपुर विकासखंड के बरदर, केरता, कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बलरामपुर, सेजेस हिंदी माध्यम विद्यालय बलरामपुर, जरहाडीह, चित विश्रामपुर, जमुआटांड, विश्रामनगर और सौनी के विद्यार्थियों ने पोस्टर व चित्रकला के जरिए स्वस्थ और सुरक्षित पर्यावरण का संदेश दिया। वहीं शंकरगढ़ विकासखंड के पीएम श्री हिंदी एवं अंग्रेजी माध्यम विद्यालय, बालक उच्चतर माध्यमिक विद्यालय शंकरगढ़ सहित दुर्गापुर, जगीमा, घुघरीकला, धारानगर और रेहड़ा के इको क्लब सदस्यों ने पुराने मोबाइल, चार्जर, केबल, बैटरी, कैलकुलेटर, इलेक्ट्रॉनिक खिलौने और कंप्यूटर से जुड़ी अनुपयोगी सामग्री एकत्र की।

विद्यार्थियों ने बताया कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद सीसा और कैडमियम जैसे हानिकारक तत्वों का अनुचित निपटान मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए नुकसानदायक हो सकता है। ई-कचरे को सामान्य कचरे के साथ मिलाने या खुले में फेंकने से मिट्टी, पानी और हवा प्रदूषित होने का खतरा रहता है।

राजपुर विकासखंड के बदौली, खोडरो, डुमरपारा, सिदमा, अखोराखुर्द, महेवापारा और लाउ के विद्यार्थियों ने गतिविधियों के माध्यम से पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मरम्मत, पुनः उपयोग और सुरक्षित पुनर्चक्रण को बढ़ावा देने की अपील की। वहीं वाड्रफनगर विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय फूलीडूमर में विद्यार्थियों ने ई-कचरा एकत्र कर ‘ई-वेस्ट कॉर्नर’ बनाया।

अभियान के दौरान विद्यार्थियों ने लोगों से अपील की कि पुराने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और बैटरियों को न तो जलाएं और न ही जमीन में दबाएं। ऐसे कचरे को अन्य घरेलू कचरे से अलग रखकर अधिकृत संग्रह केंद्र या पुनर्चक्रणकर्ता को सौंपना चाहिए, ताकि उसका सुरक्षित निपटान हो सके।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

Livevns.news Desk
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