बालको का ‘ब्लैक मेज़’, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल

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बालको का ‘ब्लैक मेज़’, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल


बालको का ‘ब्लैक मेज़’, महिला सशक्तिकरण की नई मिसाल


`बालको की प्रोजेक्ट उन्नति से जुड़कर 6000 से अधिक महिलाएं लिख रही हैं आर्थिक आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका की नई कहानी`

कोरबा, 21 मई (हि. स.)। बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने आज गुरुवार को बालकोनगर में ‘ब्लैक मेज़’ का शुभारंभ किया।

प्रोजेक्ट उन्नति की महिलाओं द्वारा संचालित यह फाइन डाइनिंग कैफे महिला सशक्तिकरण, उद्यमिता और सामुदायिक विकास का सशक्त प्रतीक है। ताज़ा पकवानों की मनमोहक खुशबू, सलीके से सजा आकर्षक वातावरण और मेहमानों का आत्मीय स्वागत करती महिलाओं का आत्मविश्वास इसकी सफलता और परिवर्तन की कहानी है।

बालको की प्रमुख महिला सशक्तिकरण पहल ‘प्रोजेक्ट उन्नति’ की महिलाओं द्वारा संचालित ‘ब्लैक मेज़’ उस यात्रा का नया अध्याय है, जिसकी शुरुआत कभी ‘उन्नति चौपाल’ के रूप में हुई थी। चाट-पकौड़ी और स्थानीय व्यंजन परोसने वाला एक छोटा फास्ट-फूड केंद्र आज 50 से अधिक लोगों की बैठने की क्षमता वाले आधुनिक फाइन डाइनिंग कैफे में परिवर्तित हो चुका है। निजी आयोजनों और विशेष अवसरों के लिए तैयार इसका विशेष डाइनिंग स्पेस इसकी भव्यता को और बढ़ाता है।

बालको के मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश कुमार सिंह ने कहा, “बालको समुदाय, विशेषकर महिलाओं के लिए ऐसे अवसर सृजित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो उनकी आजीविका क्षमता और सम्मान को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएं। यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि हमारे आसपास के क्षेत्रों की 6,000 से अधिक महिलाएं आत्मनिर्भरता और अपने परिवारों के दीर्घकालिक विकास की दिशा में आत्मविश्वास से कदम बढ़ा रही हैं। मुझे विश्वास है कि ‘ब्लैक मेज़’ की यह पहल और अधिक महिलाओं को आगे बढ़कर अपनी सफलता की नई कहानी लिखने के लिए प्रेरित करेगी।”

‘ब्लैक मेज़’ की सबसे बड़ी पहचान हर परोसे गए भोजन के पीछे छिपी मेहनत, संघर्ष और आत्मविश्वास की कहानी है। इसके केंद्र में हैं स्वयं सहायता समूह (एसएचजी) की वे महिलाएं, जिन्होंने कभी स्वयं को केवल गृहिणी के रूप में देखा था। प्रोजेक्ट उन्नति के माध्यम से उन्हें व्यंजन कला, आतिथ्य सेवा, ग्राहक प्रबंधन, उद्यमिता और खाद्य गुणवत्ता जैसे क्षेत्रों में सुनियोजित प्रशिक्षण दिया गया। इस प्रशिक्षण ने न केवल उनके कौशल को निखारा, बल्कि उन्हें अपने पैरों पर खड़े होने का आत्मविश्वास भी दिया।

उन्नति समूह की सदस्य निर्मला देशमुख ने कहा कि मैंने लंबा सफर तय किया है, लेकिन अभी बहुत कुछ हासिल करना बाकी है। 2022 में उन्नति से जुड़ने के बाद चार वर्षों में मैंने अपने भीतर और अपनी साथी बहनों में जो बदलाव देखा है, वह अविश्वसनीय है। हमारे पास हुनर था, लेकिन बालको के सहयोग ने हमें उसे बड़े मंच पर पहचान दिलाई।

यहां के मेन्यू छत्तीसगढ़ी पारंपरिक व्यंजनों, उत्तर भारतीय स्वाद, चाइनीज़ पकवानों और लोकप्रिय फास्ट-फूड का अनूठा संगम स्थानीय संस्कृति और आधुनिकता को एक साथ प्रस्तुत करता है।

कोरबा से आए एक ग्राहक ने कहा कि ब्लैक मेज़ का वातावरण बेहद आकर्षक है। यहां भोजन और कला के माध्यम से छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को बेहद खूबसूरती से प्रस्तुत किया गया है।

वर्षों से प्रोजेक्ट उन्नति ने 560 से अधिक स्वयं सहायता समूहों को सशक्त बनाते हुए आर्थिक आत्मनिर्भरता और सतत आजीविका के अवसर विकसित किए हैं।

आज इन समूहों से जुड़ी 6,000 से अधिक महिलाएं, उन्नति महासंघ (यूएमएस) के माध्यम से संचालित विभिन्न सूक्ष्म और लघु उद्यमों में सक्रिय भूमिका निभा रही हैं।

‘ब्लैक मेज़’ केवल एक कैफे नहीं, बल्कि महिलाओं द्वारा संचालित सतत उद्यमिता का प्रेरक मॉडल है, जो आजीविका सृजन के साथ आत्मविश्वास और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊंचाइयां देता है। बालको की यह पहल उस भविष्य की ओर संकेत करती है, जहां महिलाएं विकास की सहभागी ही नहीं, बल्कि उसकी दिशा तय करने वाली नेतृत्वकर्ता बनकर उभर रही हैं।

हिन्दुस्थान समाचार/ हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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