इंजीनियरिंग कॉलेज में पुलिस ने विद्यार्थियाें काे साइबर ठगी के तरीकों व उनसे बचने के उपाय बताए
जगदलपुर, 21 अगस्त (हि.स.)। जिले बस्तर पुलिस ने इंजीनियरिंग कॉलेज में आज शुक्रवार काे 'साइबर जागृति अभियान' के तहत जागरूकता कार्यक्रम आयाेजित किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और साइबर ठग नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। कभी बैंक अधिकारी बनकर ओटीपी मांगा जाता है, तो कभी पुलिस अधिकारी बनकर डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाया जाता है। इसी को देखते हुए साइबर अपराधों के तरीकों और उनसे बचने के उपाय बताए। ठगी हो जाए तो सबसे पहले 1930 पर कॉल कर साइबर फ्रॉड की शिकायत करें। साइबर अपराध की शिकायत संबंधित राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर दर्ज करें। बैंक खाते से रकम निकली है तो तत्काल बैंक को सूचना देकर खाते/लेन-देन पर आवश्यक कार्रवाई के लिए कहें। ठग से हुई बातचीत, मोबाइल नंबर, चैट, लिंक, स्क्रीनशॉट और ट्रांजैक्शन की जानकारी सुरक्षित रखें। पुलिस के मुताबिक जितनी जल्दी शिकायत की जाती है, ठगी की रकम को आगे ट्रांसफर होने से रोकने या उस पर कार्रवाई की संभावना उतनी ही बढ़ जाती है।
पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को समझाया कि थोड़ी सी सावधानी ऑनलाइन ठगी से बचा सकती है और ठगी होने पर शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। पुलिस अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताया कि साइबर ठग अक्सर भरोसा पैदा करने के लिए बैंक अधिकारी, पुलिसकर्मी, रिश्तेदार या किसी सरकारी विभाग का कर्मचारी बनकर बात करते हैं। इसलिए किसी भी कॉल, मैसेज या ऑनलाइन ऑफर पर तुरंत भरोसा नहीं करना चाहिए। ओटीपी, यूपीआई पिन, एटीएम पिन, पासवर्ड, सीवीवी और बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करनी चाहिए। पुलिस ने अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध ऐप डाउनलोड करने और बिना सत्यापन के ऑनलाइन पेमेंट करने से भी बचने की सलाह दी। सोशल मीडिया पर भी निजी जानकारी सार्वजनिक नहीं करने और मजबूत पासवर्ड, दो-स्तरीय सुरक्षा का इस्तेमाल करने पर जोर दिया गया।
बस्तर जिले के एसपी शलभ सिन्हा ने विद्यार्थियों ने साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया अपराध और ऑनलाइन ठगी की स्थिति में पुलिस से संपर्क करने की प्रक्रिया को लेकर पूछे सवाल का जवाब देते हुए वास्तविक घटनाओं और व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को समझाया कि साइबर ठग किस तरह लोगों का भरोसा जीतकर उनसे पैसे या निजी जानकारी हासिल करते हैं। उन्हाेने कहा कि साइबर अपराध की घटना को छिपाने की बजाय तत्काल पुलिस को इसकी सूचना दें। उन्होंने कहा कि जागरूकता और समय पर शिकायत साइबर ठगी से बचाव में सबसे अहम भूमिका निभाती है।
इस कार्यक्रम में बस्तर आईजी बद्री नारायण मीणा, एएसपी सुखनंदन राठौर, सीएसपी सुमित कुमार धोत्रे, कॉलेज प्राचार्य जैनेंद्र जैन, साइबर रेंज थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव तिवारी और कोतवाली थाना प्रभारी लीलाधर राठौर सहित इंजीनियरिंग कॉलेज के विद्यार्थी मौजूद रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

