(अपडेट) कोरबा में बड़ा औद्योगिक हादसा: राखड़ डेम फूटा, जेसीबी ऑपरेटर की मलबे में दबकर हुई मौत

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(अपडेट) कोरबा में बड़ा औद्योगिक हादसा: राखड़ डेम फूटा, जेसीबी ऑपरेटर की मलबे में दबकर हुई मौत


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25 वर्षीय ऑपरेटर हुलेश्वर कश्यप की गई जान, ग्रामीणों का हंगामा, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

कोरबा, 19 अप्रैल (हि. स.)। जिले के हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीएस) अंतर्गत ग्राम झाबू क्षेत्र में रविवार को एक बड़ा औद्योगिक हादसा हो गया। सीएसईबी पश्चिम के राखड़ डेम का एक हिस्सा अचानक फूटने से वहां कार्यरत जेसीबी ऑपरेटर राख और मलबे के सैलाब में दब गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान 25 वर्षीय हुलेश्वर कश्यप के रूप में हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, राखड़ डेम में अचानक दबाव बढ़ने के बाद तेज बहाव शुरू हो गया। उसी दौरान जेसीबी चला रहा ऑपरेटर कुछ समझ पाता, इससे पहले ही राख के दलदल ने उसे अपनी चपेट में ले लिया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने बचाव का प्रयास किया, लेकिन तेज बहाव और भारी मलबे के कारण उसे नहीं बचाया जा सका।

घटना की सूचना मिलते ही प्रबंधन और सुरक्षा अमला मौके पर पहुंचा तथा राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। प्रशासन को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। हालांकि देर तक रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा।

हादसे के बाद आसपास के गांव—लोतलोता, मरहामुआ और झाबू—के ग्रामीण बड़ी संख्या में घटनास्थल पर पहुंच गए और हंगामा करने लगे। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि राखड़ डेम की सुरक्षा व्यवस्था लंबे समय से लचर है और बार-बार शिकायत के बावजूद प्रबंधन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि गर्मी के दिनों में राख का असर सीधे ग्रामीणों को झेलना पड़ता है, जिससे स्वास्थ्य पर भी विपरीत प्रभाव पड़ता है।

सिविल विभाग के अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार साहू ने बताया कि उनकी पदस्थापना दो दिन पूर्व ही यहां हुई है, इसलिए वे विस्तृत जानकारी देने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने घटना में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि करते हुए कहा कि डेम के क्षतिग्रस्त हिस्से का मरम्मत कार्य संबंधित एजेंसी द्वारा किया जा रहा था।

वहीं, दर्री थाना प्रभारी आशीष सिंह ने बताया कि घटना के बाद ग्रामीणों में काफी आक्रोश है और स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। उन्होंने कहा कि फिलहाल घटनास्थल पर जांच जारी है तथा उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना एक बार फिर औद्योगिक इकाइयों में सुरक्षा मानकों की अनदेखी को उजागर करती है। हादसे के बाद प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं और अब प्रशासनिक जांच रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिससे हादसे के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सके।

हिन्दुस्थान समाचार /हरीश तिवारी

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हिन्दुस्थान समाचार / हरीश तिवारी

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