अंबिकापुर : अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का पहला ट्रायल शुरू, पशुपालन क्षेत्र के लिए बड़ी उम्मीद

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अंबिकापुर : अफ्रीकन स्वाइन फीवर वैक्सीन का पहला ट्रायल शुरू, पशुपालन क्षेत्र के लिए बड़ी उम्मीद


अंबिकापुर, 31 मार्च (हि.स.)। अफ्रीकन स्वाइन फीवर (एएसएफ) जैसी अत्यंत घातक और संक्रामक बीमारी की रोकथाम की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए अंबिकापुर के सकालो स्थित शासकीय पिग फार्म में वैक्सीन का पहला ट्रायल शुरू कर दिया गया है।

यह एएसएफ वैक्सीन भोपाल स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज द्वारा विकसित की गई है और इसका परीक्षण पशुपालन विभाग के निर्देशानुसार वैज्ञानिक पद्धति से किया जा रहा है। इस वैक्सीन के विकास और परीक्षण में वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. वेंकटेश और डॉ. सेंथिल कुमार की अहम भूमिका रही है।

वरिष्ठ पशु चिकित्सक डॉ. सी. के. मिश्रा ने बताया कि विभागीय मार्गदर्शन में यह ट्रायल संचालित किया जा रहा है, जिससे भविष्य में इस घातक बीमारी के प्रभावी नियंत्रण का रास्ता खुल सकता है। अफ्रीकन स्वाइन फीवर सूअरों में होने वाली एक जानलेवा वायरल बीमारी है, जिसकी मृत्यु दर बेहद अधिक होती है और यह घरेलू व जंगली दोनों प्रकार के सूअरों को प्रभावित करती है।

वर्तमान में इसका कोई प्रभावी इलाज या व्यावसायिक वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते संक्रमित पशुओं के नियंत्रण के लिए क्यूलिंग, क्वारंटाइन और आवागमन नियंत्रण जैसे उपाय अपनाए जाते हैं। ऐसे में अंबिकापुर में शुरू हुआ यह ट्रायल न सिर्फ देश में अपनी तरह का पहला प्रयास है, बल्कि सूअर पालन क्षेत्र के लिए एक बड़ी उम्मीद के रूप में देखा जा रहा है।

हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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