कोलियारी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर कांग्रेस का विरोध, आंदोलन की दी चेतावनी
धमतरी, 09 जुलाई (हि.स.)। ग्राम कोलियारी में शासकीय भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस मैदान में उतर आई है। जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर के नेतृत्व में गुरुवार को कांग्रेस के पदाधिकारियों ने गांव पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और प्रशासन से बेदखली की कार्रवाई रोकने की मांग की। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि प्रभावित परिवारों को राहत नहीं मिली तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा।
ग्रामीणों ने कांग्रेस नेताओं को बताया कि वे वर्षों से यहां निवास कर रहे हैं तथा अपनी मेहनत की कमाई से मकान बनाए हैं। बारिश के मौसम में बेदखली की कार्रवाई अमानवीय होगी। ग्रामीणों ने प्रशासन पर दबाव बनाकर कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनके साथ अन्याय किया जा रहा है। इस पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष तारिणी चंद्राकर ने प्रभावित परिवारों को भरोसा दिलाया कि कांग्रेस उनके आशियाने को बचाने के लिए हरसंभव संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल जल्द ही जिला प्रशासन एवं वरिष्ठ राजस्व अधिकारियों से मिलकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएगा। यदि प्रशासन ने कार्रवाई वापस नहीं ली और प्रभावितों को राहत नहीं दी, तो जिला स्तर पर व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा।
विगत दिनों धमतरी विधायक ओंकार साहू भी कोलियारी पहुंचकर ग्रामीणों को हरसंभव सहायता का भरोसा दे चुके हैं और बारिश के दौरान किसी भी प्रकार की बेदखली नहीं करने की मांग अधिकारियों से कर चुके हैं। अब विधायक और जिला कांग्रेस संगठन दोनों ही इस मुद्दे पर एकजुट होकर प्रभावित परिवारों के समर्थन में खड़े दिखाई दे रहे हैं।
निरीक्षण के दौरान पूर्व विधायक लेखराम साहू, पूर्व दुग्ध महासंघ अध्यक्ष विपिन साहू, जिला संगठन महामंत्री अरविंद दोषी, जिला कोषाध्यक्ष विजय गोलछा, आलोक जाधव, बृजेश जगताप, सूर्या राव पवार, ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष गौतम वाधवानी, निगम के नेता प्रतिपक्ष दीपक सोनकर, राजेश पांडेय, राजा देवांगन, राजेश ठाकुर, आकाश गोलछा, मनीषा साहू सहित कांग्रेस के जिला, ब्लाक एवं शहर संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और ग्रामीण उपस्थित थे।
न्यायालय अतिरिक्त तहसीलदार धमतरी द्वारा 18 जून 2026 को ग्राम कोलियारी के लगभग 8.38 हेक्टेयर रकबे को शासकीय भूमि बताते हुए अतिक्रमण हटाने के संबंध में आम सूचना जारी की। इसके बाद लगभग 30 वर्षों से यहां निवासरत 50 से अधिक परिवारों में बेदखली को लेकर चिंता बढ़ गई है।
ग्रामीण प्रेमकुमार पटेल, बलराम ध्रुव, शेखर साहू, रामनिवास, रुपेश कुमार, कमला ध्रुव, पुन्नी निषाद एवं कीर्ति साहू ने बताया कि वर्षों से इस बस्ती में निवास के कारण कई परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य शासकीय योजनाओं का लाभ मिल चुका है।
अधिकांश परिवारों के पास बिजली कनेक्शन, आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पंचायत कर रसीद समेत विभिन्न सरकारी दस्तावेज भी इसी पते पर दर्ज हैं, जो उनके लंबे समय से निवास का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि यदि बेदखली की कार्रवाई होती है तो 50 से अधिक परिवार बेघर हो जाएंगे। इसलिए बस्ती का नियमितीकरण कर पट्टा प्रदान किया जाए।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

