बलरामपुर : स्वागत चार्ट से आंगनबाड़ी में सीख रहे नन्हे कदम
बलरामपुर, 05 अगस्त (हि.स.)। बच्चों के शुरुआती वर्षों में सीखने और विकास की मजबूत नींव तैयार करने के लिए जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में कई गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। स्कूल पारा भानौरा का आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए सीखने, खेलने और संस्कार की पहली पाठशाला बनकर उभरा है। आज बुधवार यहां बच्चे खेल, गीत और रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से पढ़ना-लिखना और व्यवहारिक बातें सीख रहे हैं।
इस आंगनबाड़ी केंद्र की खास पहल स्वागत चार्ट है। केंद्र में आने वाला हर बच्चा अपनी पसंद से गले मिलना, मुट्ठी मिलाना, ताली देना, कोहनी मिलाना, हाथ मिलाना या नमस्ते में से किसी एक विकल्प को चुनता है। आंगनबाड़ी कार्यकर्ता उसी तरीके से बच्चे का स्वागत करती हैं। इससे बच्चों का संकोच कम हो रहा है और उनमें आत्मविश्वास बढ़ रहा है।
केंद्र में रोज प्रार्थना, स्वागत गीत, समूह गतिविधियां, शैक्षणिक खेल और रचनात्मक अभ्यास कराए जाते हैं। गीत, कविता और खेल के माध्यम से बच्चों को अक्षर और अंक ज्ञान, रंगों की पहचान, चित्रों से वस्तुओं की पहचान सहित कई जरूरी बातें सिखाई जाती हैं। इससे बच्चों के मानसिक, भाषाई और सामाजिक विकास में मदद मिल रही है।
बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। निर्धारित मेन्यू के अनुसार पौष्टिक नाश्ता और गर्म पका हुआ भोजन दिया जाता है। बच्चों की उपस्थिति, स्वास्थ्य और विकास की नियमित निगरानी की जाती है। गर्भवती और धात्री माताओं को भी संतुलित आहार, स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिशु देखभाल से जुड़ी जानकारी दी जाती है।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका बच्चों के लिए सुरक्षित और स्नेहपूर्ण माहौल तैयार कर रही हैं। इससे बच्चे बिना झिझक गतिविधियों में शामिल होते हैं और सीखने के प्रति रुचि दिखा रहे हैं।
आंगनबाड़ी में पढ़ने वाली सौम्या की माता सोनम सोनी ने बताया कि स्कूल पारा भानौरा का आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों के लिए दूसरे घर जैसा बन गया है। स्वागत चार्ट और खेल आधारित पढ़ाई से बच्चों में सीखने का उत्साह बढ़ा है। अब बच्चे खुशी से आंगनबाड़ी जाते हैं और घर लौटकर गीत, कविताएं और दिनभर सीखी बातें परिवार को बताते हैं।
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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

