अम्बिकापुर : वसूली के कथित ऑडियो कांड से गरमाई सरगुजा की राजनीति, जांच की मांग लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे कांग्रेसी

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अम्बिकापुर : वसूली के कथित ऑडियो कांड से गरमाई सरगुजा की राजनीति, जांच की मांग लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे कांग्रेसी


अम्बिकापुर : वसूली के कथित ऑडियो कांड से गरमाई सरगुजा की राजनीति, जांच की मांग लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे कांग्रेसी


अम्बिकापुर : वसूली के कथित ऑडियो कांड से गरमाई सरगुजा की राजनीति, जांच की मांग लेकर एसपी दफ्तर पहुंचे कांग्रेसी


अम्बिकापुर, 28 जून (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिला मुख्यालय अम्बिकापुर में एक कथित ऑडियो वायरल होने के बाद राजनीतिक घमासान मच गया है। शहर के कलाकेंद्र मैदान को मेले के लिए आवंटित करने के नाम पर एक युवक अनुराग मिश्रा ने महापौर मंजूषा भगत और भाजपा जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया पर लाखों रुपये की वसूली के गंभीर आरोप लगाए हैं।

करीब छह दिन पहले सोशल मीडिया पर प्रसारित हुए इस ऑडियो के बाद से ही शहर के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है। इस कथित बातचीत में शिकायतकर्ता मैदान उपलब्ध न कराने के एवज में महापौर से अपने पैसे वापस मांगता सुनाई दे रहा है, साथ ही वह भाजपा जिलाध्यक्ष को अलग से तीन लाख रुपये देने में असमर्थता भी जता रहा है। ऑडियो में महापौर द्वारा उसे घर आकर पैसे ले जाने की बात कही जा रही है। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने दोनों नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग तेज कर दी है।

इस विवादित ऑडियो के सार्वजनिक होने के बाद जहां शहर भर में दोनों नेताओं की छवि को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं, वहीं महापौर मंजूषा भगत ने इसे अपने खिलाफ एक सोची-समझी साजिश करार दिया है। ऑडियो वायरल होने के अगले ही दिन शनिवार काे महापौर ने आजाक (अजजा/अजजा कल्याण) थाने में अनुराग मिश्रा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई। मीडिया के सामने भावुक होते हुए महापौर ने रो-रोकर कहा कि उन्हें बदनाम करने के लिए यह पूरा षड्यंत्र रचा गया है और वायरल ऑडियो में उनकी आवाज नहीं है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इस मामले की उच्चस्तरीय जांच करने का आग्रह किया है। दूसरी तरफ, कांग्रेस ने इस मुद्दे को लेकर अपनी आक्रामकता बढ़ा दी है और मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) के गठन की मांग को लेकर पहले ही कलेक्टर से मुलाकात कर चुकी है।

मामले में नया मोड़ उस समय आया जब पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असमंजस की स्थिति बन गई। नगर निगम के नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ता शनिवार को आजाक थाने पहुंचे थे, जहां उन्होंने महापौर द्वारा दिए गए शिकायती आवेदन की प्रगति जाननी चाही। इस पर आजाक डीएसपी ने स्पष्ट किया कि यह मामला उनके थाने के अधिकार क्षेत्र का नहीं है। उन्होंने कांग्रेसियों को भरोसा दिलाया कि वे इस संबंध में पुलिस अधीक्षक (एसपी) को अवगत कराएंगे, जिसके बाद मामले को संबंधित थाने में स्थानांतरित कर दिया जाएगा। थाना स्तर पर स्पष्ट जवाब न मिलने से असंतुष्ट कांग्रेसियों ने आज रविवार दोपहर करीब साढ़े बारह बजे सीधे पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की।

कांग्रेसी प्रतिनिधिमंडल ने एसपी से मिलकर मांग की है कि इस पूरे संवेदनशील मामले की जांच बिना किसी देरी के जल्द से जल्द शुरू की जाए और इसे तुरंत सही क्षेत्राधिकार वाले थाने में भेजा जाए।

नेता प्रतिपक्ष शफी अहमद ने कहा कि आज पूरा शहर इस सच्चाई को जानना चाहता है कि आखिर इस कथित वसूली कांड के पीछे का सच क्या है। उन्होंने जिला प्रशासन और पुलिस को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि पुलिस ने इस पूरे मामले की त्वरित जांच कर सच को जनता के सामने उजागर नहीं किया, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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