अंबिकापुर : नववर्ष 2026 की पहली सुबह आस्था, उल्लास और सैलानियों से गुलजार अंबिकापुर–मैनपाट

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अंबिकापुर : नववर्ष 2026 की पहली सुबह आस्था, उल्लास और सैलानियों से गुलजार अंबिकापुर–मैनपाट


अंबिकापुर : नववर्ष 2026 की पहली सुबह आस्था, उल्लास और सैलानियों से गुलजार अंबिकापुर–मैनपाट


अंबिकापुर, 01 जनवरी (हि.स.)। नववर्ष 2026 की पहली किरण के साथ ही छत्तीसगढ़ के सरगुजा अंचल में आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। ठंड के तीखे तेवरों के बावजूद श्रद्धालु मंदिरों में दर्शन को उमड़े, वहीं सैलानी पिकनिक स्थलों पर नए साल का आनंद लेते नजर आए। शहर से लेकर पहाड़ों तक, हर ओर नववर्ष का उल्लास छाया रहा।

गुरुवार को नववर्ष के पहले दिन नगर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। आदिशक्ति मां महामाया मंदिर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिर परिसर भक्ति और जयकारों से गूंजता रहा। श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की कामना की।

महामाया मंदिर के अलावा समलाया मंदिर, स्कूल रोड स्थित गौरी मंदिर, शंकरघाट का शंकर मंदिर और गांधी चौक स्थित दुर्गा शक्ति पीठ में भी आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। बढ़ती भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम किए गए थे और मंदिर परिसरों में पुलिस बल तैनात रहा।

धार्मिक आयोजनों के साथ-साथ ईसाई समाज ने भी नववर्ष का स्वागत पूरे श्रद्धा भाव से किया। नावापारा स्थित महागिरजाघर में रात 12 बजे जैसे ही नववर्ष का आगमन हुआ, चर्च की घंटियां गूंज उठीं। इसके बाद गुरुवार सुबह विशेष प्रार्थना सभा आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नए साल में शांति और खुशहाली की प्रार्थना की।

नए साल के मौके पर शहर के होटल और रेस्टोरेंट देर रात तक गुलजार रहे। मैनपाट में पर्यटकों की विशेष चहल-पहल देखने को मिली। कई सैलानियों ने मैनपाट में ही रात्रि विश्राम कर डीजे संगीत, नाइट कैंप और आतिशबाजी के साथ नववर्ष का स्वागत किया। गुरुवार को भी मैनपाट सहित जिले के अन्य पिकनिक स्थलों पर पर्यटकों की भीड़ बनी रही। सुरक्षा की दृष्टि से पिकनिक स्पॉट्स और चौक-चौराहों पर पुलिस जवानों की तैनाती की गई थी।

इसी बीच नववर्ष के पहले दिन मां महामाया मंदिर परिसर में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बाहर बंधी मनोकामना चुनरियों में अचानक आग लग गई। बताया जा रहा है कि किसी श्रद्धालु द्वारा चुनरी के पास जलता दीपक रख देने से आग भड़की। हालांकि मंदिर प्रबंधन और मौजूद लोगों की तत्परता से समय रहते आग पर काबू पा लिया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई, लेकिन कुछ देर के लिए श्रद्धालु सहम गए।

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हिन्दुस्थान समाचार / विष्णु पांडेय

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