शासकीय भूमि एनजीओ को देने का आरोप, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की जांच और कार्रवाई की मांग
धमतरी, 10 अगस्त (हि.स.)। ग्राम भटगांव में शासकीय भूमि को कथित रूप से एनजीओ को बकरी पालन के लिए दिए जाने का मामला सामने आया है। मामले को लेकर समस्त ग्रामवासियों की ओर से सोमवार को जिला कलेक्टर धमतरी को शिकायत सौंपकर उच्च स्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने तथा शासकीय भूमि को एनजीओ के कब्जे से मुक्त कराने की मांग की गई है।
शिकायत में ग्राम पंचायत भटगांव के सरपंच एवं कुछ पंचों पर आपसी मिलीभगत कर शासकीय भूमि को एक गैर सरकारी संस्था को सौंपने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि उक्त भूमि को देने से पहले न तो विधिवत ग्राम सभा आयोजित की गई और न ही ग्रामीणों की सहमति ली गई। शिकायतकर्ताओं ने इसे पंचायती राज के नियमों के विपरीत बताते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।
ग्रामीणों के अनुसार उक्त शासकीय भूमि सार्वजनिक उपयोग के लिए महत्वपूर्ण है तथा इसके आसपास खेल मैदान, स्कूल, स्वास्थ्य केंद्र, प्रमुख मार्ग और पर्यटन स्थल सहित वन क्षेत्र स्थित है। वन क्षेत्र से लगे होने के कारण यहां वन्य प्राणियों की आवाजाही भी बनी रहती है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि बकरी पालन शुरू होने से दुर्गंध और अन्य समस्याओं के कारण आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है तथा इससे गांव के सार्वजनिक हित प्रभावित होंगे।
शिकायत में कलेक्टर से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर शासकीय भूमि को एनजीओ के कब्जे से मुक्त कराने, यदि कोई अनुबंध किया गया है तो उसकी वैधानिकता की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने तथा पद का दुरुपयोग पाए जाने पर संबंधित सरपंच एवं दोषी पंचों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई करने की मांग की गई है।
ग्रामीणों ने कहा कि यह मामला केवल भूमि से जुड़ा नहीं बल्कि गांव की सार्वजनिक संपत्ति और जनहित से जुड़ा विषय है, इसलिए प्रशासन को मामले की गंभीरता से जांच कर उचित कार्रवाई करनी चाहिए। शिकायत की प्रतिलिपि प्रधानमंत्री कार्यालय, राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी गई है।
आवेदन समस्त ग्रामवासी, ग्राम भटगांव, विकासखंड एवं जिला धमतरी की ओर से प्रस्तुत किया गया है। इस संबंध में सरंपच फागूराम साहू ने कहा कि पंचायत प्रस्ताव नहीं हुआ है। ग्रामीणों के विरोध को देखते हुए प्रस्ताव को निरस्त करने जिला पंचायत सीईओ और कलेक्टर को ज्ञापन दिया गया है। यदि इसके बाद भी प्रशासन जबरिया निर्माण कराता है तो उसका विरोध किया जाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

