जांजगीर-चांपा में शराब पीने के बाद पार्षद समेत दो की संदिग्ध मौत, दो संदेही पुलिस अभिरक्षा में

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जांजगीर-चांपा में शराब पीने के बाद पार्षद समेत दो की संदिग्ध मौत, दो संदेही पुलिस अभिरक्षा में


जांजगीर-चांपा, 24 अक्टूबर (हि. स.)। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के पामगढ़ थाना क्षेत्र में शराब सेवन के बाद पार्षद समेत दो लोगों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। घटना 23 अक्टूबर की रात की है। मृतकों में पामगढ़ नगर पंचायत के वार्ड क्रमांक 8 के बसपा पार्षद रामखिलावन जांगड़े (55 वर्ष) और एक निजी क्लिनिक संचालक जोहितराम खरे (52 वर्ष) शामिल हैं।

शुक्रवार (23 अक्टूबर 2026) की रात करीब 10 बजे पामगढ़ के पुराने अस्पताल परिसर में चार दोस्तों नेदोनों की तबीयत शराब पीने के बाद अचानक बिगड़ गई थी। बिलासपुर में उपचार के दौरान दोनों ने दम तोड़ दिया। मामले में पुलिस ने दो संदेहियों को अभिरक्षा में लिया है। प्रारंभिक जांच में करीब 10 लाख रुपये के लेन-देन का विवाद सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार शुक्रवार (23 अक्टूबर 2026) की रात करीब 10 बजे पामगढ़ के पुराने अस्पताल परिसर में चार दोस्तों ने एक साथ बैठकर शराब पी थी। घर लौटने के बाद उन्हें सांस लेने में भारी तकलीफ और बेचैनी होने लगी। हालत बिगड़ने पर उन्हें पहले पामगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत में बिलासपुर रेफर किया गया। इलाज के दौरान रामखिलावन जांगड़े ने सिम्स अस्पताल में और जोहितराम खरे ने अपोलो अस्पताल में दम तोड़ दिया।

शराब पीने वाले तीसरे व्यक्ति कमल नाथ खरे उर्फ राजा की हालत भी शनिवार को बिगड़ गई, जिन्हें बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं चौथे साथी मुकेश कश्यप उर्फ गोलू को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है ताकि घटना का पूरा सच सामने आ सके।

घटना की जांच में एक महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। पुलिस के अनुसार, मृतक जोहित खरे ने राजा खरे को लगभग 10 लाख रुपये उधार दिए थे। इस रकम की वापसी को लेकर लगातार मांग किए जाने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इस आर्थिक विवाद को भी संदिग्ध मौतों से जोड़कर जांच कर रही है। इसके अलावा शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट की आशंका की भी जांच की जा रही है। हालांकि, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्य मिलने से पहले मौत के वास्तविक कारणों के संबंध में किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

मामले में पुलिस ने राजा खरे और मुकेश कश्यप को संदेह के आधार पर अभिरक्षा में रखा है। राजा खरे वर्तमान में बिलासपुर के सिम्स अस्पताल में भर्ती है, जहां पुलिस की निगरानी में उसका उपचार चल रहा है। पुलिस दोनों संदेहियों की भूमिका और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पड़ताल कर रही है।

जांजगीर के अनुविभागीय पुलिस अधिकारीतोपेश वर्मा और पामगढ़ थाना प्रभारी राकेश सूर्यवंशी के नेतृत्व में पुलिस टीम मामले की गहराई से जांच कर रही है। शुरुआती तौर पर शराब में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट की आशंका जताई जा रही है। पुलिस ने शवों का पोस्टमार्टम कराकर विसरा सैंपल सुरक्षित रख लिया है, जिसकी फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौतों के सटीक कारणों का पता चल सकेगा।

पामगढ़ पुलिस शराब के नमूनों की जांच, मेडिकल रिपोर्ट, संबंधित व्यक्तियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि दोनों की मौत शराब के सेवन से हुई या इसके पीछे कोई अन्य कारण है। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं पर जांच कर रही है। मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट होने की उम्मीद है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

Livevns.news Desk
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