19 को अक्षय तृतीया , शहर से लेकर गांव तक मंडप सजाकर गुड्डे गुड़ियों का होगा विवाह

WhatsApp Channel Join Now
19 को अक्षय तृतीया , शहर से लेकर गांव तक मंडप सजाकर गुड्डे गुड़ियों का होगा विवाह


19 को अक्षय तृतीया , शहर से लेकर गांव तक मंडप सजाकर गुड्डे गुड़ियों का होगा विवाह


धमतरी , 18 अप्रैल (हि.स.)। अक्षय तृतीया के एक दिन पहले बाजार में रौनक रही। गुड्डे-गुड़ियों के खिलौने खरीदने के लिए शहर के चारों ओर लोग पहुंचते रहे। शुभ तिथि को लेकर सराफा बाजार में भी अच्छी बिक्री के आसार हैं। इसके लिए दुकानदारों ने अपने स्तर पर तैयारी की है।

शास्त्रों के अनुसार अक्षय तृतीया के दिन किसी शुभ कार्य को प्रारंभ करने या खरीदी बिक्री के लिए किसी मुहूर्त की जरूरत नहीं होती। यह तिथि अपने आप में खास है। अक्षय तृतीया के दिन बच्चे उत्साह के साथ गुड्डे गुड़ियों का ब्याह रचाते हैं। इसके लिए अपने-अपने स्तर पर चौक चौराहों और गली मोहल्लों में मंडप सजा कर विवाह की रस्में निभाई जाती है। इसमें बड़े भी शामिल होते हैं। पर्व पर बच्चों का उत्साह देखते ही बनता है। सात मई को अलग-अलग स्थानों पर मंडप सजाया जाएगा। इतवारी बाजार रामबाग, मकई चौक, बालक चौक, गोल बाजार सहित अलग-अलग स्थानों पर विक्रेता गुड्डे- गुड़िया बेचते नजर आए। सर्राफा विक्रेता संकेत लुनावत ने बताया कि दीपावली, पुष्य नक्षत्र की तरह अक्षय तृतीया पर भी धातु की खरीदी करना शुभ माना जाता है। इस खास दिन बाजार में रौनक रहती है। इस बार भी इन दिन विशेष में ग्राहकों के लिए नए आभूषण मंगाए गए हैं। ताकि आभूषण की बिक्री हो सके। इस साल की अच्छी फसल को देखते हुए उम्मीद है कि अक्षय तृतीया पर धातुओं की खरीदी अच्छी होगी।

क्या है मान्यता:

विप्र विदवत परिषद के मीडिया प्रभारी पंडित राजकुमार तिवारी ने बताया कि पर्व पर गुड्डे-गुड़ियों के विवाह के पीछे प्राचीन मान्यता यह है कि जिस घर में विवाह के लिए रिश्ता तय नहीं हो पा रहा है, वहां अक्षय तृतीया पर गुड्डे गुड़ियों की विवाह की रस्म अदायगी से बाधाएं दूर होती है। अक्षय तृतीया पर किए गए हर शुभ कार्य का क्षय नहीं होता। इस लिहाज से बड़े बुजुर्गों ने विवाह के प्राचीन रिवाजों को अक्षुण्ण बनाए रखने के लिए गुड्डे गुड़ियों के विवाह की परंपरा बनाई है।

हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

Share this story