बस्तर गोंचा पर्व में श्रीरामचरित मानस का अखंड पाठ हुआ शुरू, 20 जुलाई को हाेगा हेरापंचमी पूजा विधान

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बस्तर गोंचा पर्व में श्रीरामचरित मानस का अखंड पाठ हुआ शुरू, 20 जुलाई को हाेगा हेरापंचमी पूजा विधान


जगदलपुर, 19 जुलाई (हि.स.)। बस्तर गोंचा पर्व में

भगवान श्रीजगन्नाथ, माता सुभद्रा

व बलभद्र स्वामी के गुंडिचा मंदिर-सिरहसार भवन में विराजित होने के बाद भगवान के दर्शन

और पूजन के लिए हजाराे श्रद्धालु रोजाना पहुंच रहे हैं। आज रविवार सुबह गुंडिचा मंदिर-सिरहसार भवन में श्रीगणेश पूजन के साथ श्रीरामचरित मानस का अखंड पाठ शुरू किया

गया, संगीतमय

अखंड श्रीरामायण पाठ का 20 जुलाई को परायण हाेगा। 360 घर आरण्यक ब्राहम्ण समाज के

वरिष्ठ सदस्य बनमाली पानीग्राही के परिवार के द्वारा वर्ष 1980 से अनवरत विगत 45 वर्षों से अंखड रामायण पाठ का आयोजन किया जा रहा है ।

360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज एवं बस्तर गाेंचा समिति के वरिष्ठ सदस्य एवं बनमाली पानीग्राही ने बताया कि भगवान जगन्नाथ, माता सुभद्रा व बलभद्र स्वामी

की असीम कृपा से वर्ष 1980 से शुरू हुए श्रीरामचरित मानस का अखंड पाठ का यह सिलसिला अनवरत 45 वर्षों से बस्तर गोंचा महापर्व में 360 घर आरण्यक ब्राह्मण समाज के

आशिर्वाद से मेरे परिवार के माध्यम से गुंडिचा मंदिर-सिरहसार भवन में आयोजित किया जा रहा है।आगे भी इसे अनवरत जारी रखा जायेगा।

उन्हाेने बताया कि आषाढ़ शुक्ल षष्ठी तिथि में 20 जुलाई को बस्तर गोंचा पर्व के नियत कार्यक्रम के

अनुसार हेरापंचमी पूजा विधान संपन्न की जाएगी। हेरापंचमी पूजा विधान में महालक्ष्मी की दो डोलियां

श्रीजगन्नाथ मंदिर से निकाली जाएगी। एक डोली पहले निकलकर बस्तर महाराजा के

राजमहल, राजगुरू परिवार व कुंवर परिवार की ओर से होते हुए सिरहासार

चौक पंहुचने के बाद दूसरी डोली श्रीजगन्नाथ मंदिर से निकलकर माता महालक्ष्मी की दो

डोलियां रथ परिक्रमा स्थल से होते हुए गुंडिचा मंदिर-सिरहासार

भवन पंहुचेगी जहां माता लक्ष्मी-भगवान श्रीजगन्नाथ के मध्य संवाद होगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

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