अंबिकापुर : 30 मार्च से दिल्ली-कोलकाता के लिए शुरू होगी हवाई सेवा, टाइम टेबल जारी
अंबिकापुर, 25 मार्च (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर से हवाई सेवा एक बार फिर शुरू होने जा रही है। 30 मार्च से एलायंस एयर मां महामाया एयरपोर्ट से दिल्ली और कोलकाता के लिए नियमित फ्लाइट चलाएगी। कंपनी ने टिकट बुकिंग भी शुरू कर दी है, जिससे यात्रियों में उत्साह बढ़ गया है। एलायंस एयर ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इन फ्लाइट्स की बुकिंग भी शुरू कर दी है।
दिल्ली के लिए फ्लाइट हफ्ते में दो दिन सोमवार और बुधवार को चलेगी। सोमवार को फ्लाइट सुबह 7:50 बजे दिल्ली से उड़ान भरकर 10:25 बजे बिलासपुर पहुंचेगी, वहां से 10:50 बजे रवाना होकर 11:35 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। इसके बाद यही फ्लाइट दोपहर 12:00 बजे अंबिकापुर से उड़ान भरकर 2:30 बजे दिल्ली पहुंचेगी। बुधवार को सुबह 7:50 बजे दिल्ली से सीधी फ्लाइट उड़कर 10:25 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी, फिर 10:50 बजे अंबिकापुर से निकलकर 11:35 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और वहां से 12:00 बजे उड़कर 2:40 बजे दिल्ली पहुंचेगी।
कोलकाता के लिए भी हफ्ते में दो दिन फ्लाइट चलेगी। शनिवार को सुबह 7:05 बजे कोलकाता से फ्लाइट उड़ान भरकर 8:55 बजे बिलासपुर पहुंचेगी, फिर 9:20 बजे वहां से रवाना होकर 10:00 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी। इसके बाद 10:25 बजे अंबिकापुर से उड़कर 12:15 बजे कोलकाता पहुंच जाएगी। वहीं गुरुवार को सुबह 7:05 बजे कोलकाता से सीधी फ्लाइट उड़कर 8:50 बजे अंबिकापुर पहुंचेगी, फिर 9:15 बजे अंबिकापुर से निकलकर 9:55 बजे बिलासपुर पहुंचेगी और वहां से 10:20 बजे उड़कर 12:05 बजे कोलकाता पहुंचेगी।
30 मार्च को अंबिकापुर से पहली फ्लाइट दोपहर 12 बजे रवाना होकर 2:30 बजे दिल्ली पहुंचेगी। इस रूट पर 72 सीटर एटीआर विमान का संचालन किया जाएगा।
करीब 8 महीने बाद यह सेवा दोबारा शुरू हो रही है। इससे पहले दिसंबर 2024 में उड़ान योजना के तहत फ्लाइट सेवा शुरू हुई थी, लेकिन अनियमितता के कारण बंद हो गई थी। अब नई शुरुआत से सरगुजा संभाग के लोगों को बड़ी राहत मिलेगी।
दरिमा स्थित मां महामाया एयरपोर्ट को आधुनिक रूप दिया गया है, जहां अब 72 सीटर विमान आसानी से उड़ान भर सकते हैं। इस एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने किया था। हवाई सेवा शुरू होने से अंबिकापुर का सीधा जुड़ाव दिल्ली और कोलकाता जैसे बड़े शहरों से हो जाएगा, जिससे व्यापार, शिक्षा और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

