दंतेवाड़ा पुलिस नक्सलवाद के खात्में के बाद नक्सली वारदातों जैसी आगजनी की घटनाओं मेंं उलझी
दंतेवाड़ा, 22 अगस्त (हि.स.)। जिले में नक्सलवद के खात्में के बाद अब नक्सली वारदातों जैसी आगजनी घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। बचेली में लगातार हो रही आगजनी की घटनाओं के बीच कटेकल्याण थाना क्षेत्र के नयानार में टावर में आग लगाने की घटना ने जांच एजेंसियों को उलझा दिया है।
पुलिस फिलहाल इन घटनाओं को नक्सलियों द्वारा अंजाम दी गई वारदात मानने से इनकार कर रही है, लेकिन घटनाओं का तरीका और लगातार सामने आ रही आगजनी की घटनाओं ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बचेली में कल्पतरु कंपनी के साइट पर मशीनों में आग लगाने की घटना को 12 दिन बीत चुके हैं, लेकिन पुलिस अब तक आरोपिताें की पहचान नहीं कर पाई है। इससे पहले बचेली नगर क्षेत्र में हुई अन्य आगजनी की घटनाओं में भी पुलिस के हाथ कोई ठोस सुराग नहीं लगा। दंतेवाड़ा एएसपी जितेंद्र खुटे ने बताया कि नयानार की घटना उनके चार्ज लेने से पहले की है।
दंतेवाड़ा में पहले नक्सली संगठन निर्माण कार्यों और मशीनों को निशाना बनाकर आगजनी जैसी घटनाओं को अंजाम देते रहे हैं। ऐसे में अब नक्सलवाद के खात्में के बाद फिर से मशीनों और टावर को निशाना बनाए जाने की घटनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि अभी तक जांच में ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है, कि जिससे इन घटनाओं को सीधे नक्सली वारदात से जोड़ा जा सके। कल्पतरु कंपनी के साइट पर हुई आगजनी के मामले में पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ा दिया है। कंपनी से जुड़े पूर्व कर्मचारियों, मजदूरों और अन्य संदिग्धाें से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को यह भी संदेह है कि किसी पुराने विवाद या बदले की भावना से घटना को अंजाम दिया गया हो।
लगातार आगजनी से बचेली और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। लोगों को आशंका है कि यदि आरोपिताें को जल्द नहीं पकड़ा गया तो ऐसी आगजनी की घटनाएं दोबारा हो सकती हैं। तीन आगजनी की घटनाओं में अब तक किसी भी आरोपित की पहचान नहीं होने से पुलिस के सामने आरोपिताें तक पहुंचना बड़ी चुनौती बन गया है। नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में आगे बढ़ रहे दंतेवाड़ा में नक्सली वारदातों जैसी घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है।
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हिन्दुस्थान समाचार / राकेश पांडे

