अडानी फाउंडेशन के कोचिंग सेंटर से 39 बच्चे भरेंगे कामयाबी की उड़ान
रायगढ़ , 08 अगस्त (हि.स.)।गारे पेलमा-3, गारे पेलमा-2 और पेलमा माइनिंग परियोजनाओं की सामाजिक सरोकार शाखा अदाणी फाउंडेशन की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों को इस वर्ष उल्लेखनीय सफलता मिली है। तमनार क्षेत्र में संचालित अडानी जवाहर नवोदय विद्यालय कोचिंग सेंटर के विद्यार्थियों ने शैक्षणिक सत्र 2025-26 में शानदार प्रदर्शन करते हुए विभिन्न प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में प्रवेश हासिल किया है।
इस वर्ष कोचिंग सेंटर से कुल 39 विद्यार्थियों का चयन हुआ है, जो अब तक का सर्वश्रेष्ठ परिणाम है। चयनित विद्यार्थियों में 34 विद्यार्थियों का एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, 1 विद्यार्थी का जवाहर नवोदय विद्यालय, 3 विद्यार्थियों का उत्कर्ष विद्यालय तथा एक विद्यार्थी का सैनिक स्कूल में चयन हुआ है। ग्रामीण एवं आदिवासी अंचलों से आने वाले इन विद्यार्थियों ने अपनी मेहनत, लगन और निरंतर अभ्यास के बल पर यह उपलब्धि हासिल की है। दूरस्थ गांवों के बच्चों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच सुनिश्चित करने के उद्देश्य से अडानी फाउंडेशन द्वारा संचालित यह कोचिंग सेंटर पूर्णतः नि:शुल्क है, जहां विद्यार्थियों को नियमित कक्षाओं, अध्ययन सामग्री, मार्गदर्शन एवं अभ्यास परीक्षाओं की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है।
तमनार के मिलूपारा गांव ने इस वर्ष सफलता की नई मिसाल कायम की है। गांव के 17 विद्यार्थियों का विभिन्न प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में चयन हुआ है। इनमें अधिकतर बच्चे श्रमिक परिवारों से आते हैं। आर्थिक और सामाजिक चुनौतियों के बावजूद इन बच्चों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं भी नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं। अडानी फाउंडेशन की यह पहल पिछले तीन वर्षों में लगातार सकारात्मक परिणाम दे रही है। वर्ष 2023 से अब तक इस कोचिंग कार्यक्रम के माध्यम से 87 विद्यार्थियों का चयन विभिन्न प्रतिष्ठित आवासीय विद्यालयों में हो चुका है। इनमें जवाहर नवोदय विद्यालय, एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालय, सैनिक स्कूल और उत्कर्ष विद्यालय जैसे संस्थान शामिल हैं। यह उपलब्धि ग्रामीण और आदिवासी समुदायों के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जोड़ने की दिशा में सार्थक प्रयासों को दर्शाती है।
कोचिंग सेंटर की सफलता में बच्चों की मेहनत, शिक्षकों के समर्पण, अभिभावकों के सहयोग और फाउंडेशन टीम के सतत प्रयासों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। चयनित विद्यार्थियों की इस उपलब्धि से पूरे क्षेत्र में शिक्षा के प्रति सकारात्मक माहौल बना है और अन्य बच्चों को भी अपने लक्ष्य हासिल करने की प्रेरणा मिली है।
हिन्दुस्थान समाचार / रघुवीर प्रधान

