पराली जलाने पर पांच किसानों पर कार्रवाई, पांच-पांच हजार का लगा जुर्माना
धमतरी, 15 जून (हि.स.)। नगर पालिक निगम धमतरी के वार्ड क्रमांक 35 स्थित बागतराई रोड के मणीकंचन केंद्र (लिगेसी वेस्ट स्थल) में गत 25 मई को हुई आगजनी की घटना के मामले में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए पांच किसानों पर पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अर्थदण्ड लगाया है। जांच में पराली जलाने की पुष्टि होने के बाद राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के प्रावधानों के तहत प्रत्येक किसान पर पांच-पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार नगर निगम द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया था कि लगभग 23 हजार टन लिगेसी वेस्ट संग्रहित स्थल में आग लग गई थी। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई गई थी कि आसपास के खेतों में जलाई गई पराली की आग फैलकर मणीकंचन केंद्र तक पहुंची, जिससे यह बड़ी घटना हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए राजस्व विभाग ने विस्तृत जांच कराई और हल्का पटवारी से प्रतिवेदन प्राप्त किया। जांच के दौरान पाया गया कि मणीकंचन केंद्र से लगे कुछ कृषि क्षेत्रों में पराली जलकर नष्ट हुई थी। इसके बाद संबंधित किसानों को नोटिस जारी कर उनका पक्ष सुना गया।
किसानों ने पराली जलाने से इंकार किया, लेकिन उपलब्ध राजस्व अभिलेखों और जांच प्रतिवेदन के आधार पर संबंधित भूमि के भूस्वामियों को जिम्मेदार माना गया। प्रशासन ने आज बताया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण एवं सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार दो एकड़ से कम भूमि वाले किसानों द्वारा पराली जलाने की स्थिति में 5 हजार रुपये पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति अर्थदण्ड का प्रावधान है। इसी के तहत पांचों किसानों पर 5-5 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।
अर्थदण्ड की वसूली के लिए संबंधितों को अलग से नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों के निपटान के लिए वैज्ञानिक एवं पर्यावरण अनुकूल तरीकों को अपनाएं तथा पराली जलाने जैसी गतिविधियों से बचें, ताकि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
हिन्दुस्थान समाचार / रोशन सिन्हा

