सावन के प्रथम सोमवार पर आस्था का महासंगम, खरौद के प्राचीन लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी शिवभक्तों की भीड़

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सावन के प्रथम सोमवार पर आस्था का महासंगम, खरौद के प्राचीन लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी शिवभक्तों की भीड़


सावन के प्रथम सोमवार पर आस्था का महासंगम, खरौद के प्राचीन लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में उमड़ी शिवभक्तों की भीड़


जांजगीर चांपा, 03 अगस्त (हि. स.)। सावन के प्रथम सोमवार पर छत्तीसगढ़ के प्रसिद्ध और प्राचीन लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मंदिर परिसर में भगवान भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयघोष से पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय माहौल में सराबोर रहा।

खरौद का लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर अपनी ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विशेषताओं के कारण प्रदेश के प्रमुख शिवधामों में गिना जाता है। सावन के प्रथम सोमवार का विशेष महत्व होने के कारण छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों सहित आसपास के क्षेत्रों से हजारों श्रद्धालु यहां पहुंचे और भगवान शिव का जल, दूध, बेलपत्र, धतूरा एवं अन्य पूजन सामग्री से अभिषेक कर सुख-समृद्धि और मंगलकामना की प्रार्थना की।

मंदिर की प्राचीन स्थापत्य कला और यहां स्थापित शिवलिंग को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। मान्यता है कि सावन के पवित्र महीने, विशेषकर प्रथम सोमवार को यहां विधि-विधान से पूजा-अर्चना करने से भगवान भोलेनाथ भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं। इसी विश्वास के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना और रुद्राभिषेक में भाग लिया।

सावन के प्रथम सोमवार को मंदिर परिसर में दिनभर धार्मिक अनुष्ठान, रुद्राभिषेक, भजन-कीर्तन और शिव आराधना का क्रम चलता रहा। श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मंदिर समिति और स्थानीय प्रशासन द्वारा दर्शन व्यवस्था, सुरक्षा, पेयजल एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं, जिससे भक्तों ने सुव्यवस्थित तरीके से भगवान शिव के दर्शन किए।

खरौद का प्राचीन लक्ष्मणेश्वर महादेव मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल ही नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत का प्रतीक भी है। सावन के प्रथम सोमवार को यहां उमड़ने वाली श्रद्धा और भक्ति प्रदेश की सनातन परंपरा और शिव आराधना की जीवंत झलक प्रस्तुत करती है। यही कारण है कि हर वर्ष सावन के दौरान यह प्राचीन शिवधाम लाखों श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बन जाता है।

हिन्दुस्थान समाचार/ लालिमा शुक्ला पुरोहित

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हिन्दुस्थान समाचार / LALIMA SHUKLA PUROHIT

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