एमसीबी : दिव्यांग रामकृपाल की उम्मीदों को मिले पहिए, तत्काल मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल

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एमसीबी : दिव्यांग रामकृपाल की उम्मीदों को मिले पहिए, तत्काल मिली मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल


मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, 17 अप्रैल (हि.स.)। छत्तीसगढ़ के मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आज मानवीय संवेदना और त्वरित प्रशासनिक कार्रवाई का एक प्रेरक उदाहरण देखने को मिला, जिसने एक दिव्यांग के जीवन की राह आसान कर दी। जनपद भरतपुर के ग्राम कुदरा निवासी दिव्यांग रामकृपाल अगरिया (पिता हीरालाल अगरिया) के लिए आज का दिन खुशियों की नई सौगात लेकर आया।

लंबे समय से आवागमन की गंभीर समस्या से जूझ रहे रामकृपाल जब अपनी गुहार लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंचे, तो उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि उनकी समस्या का समाधान पल भर में हो जाएगा। डिप्टी कलेक्टर इंदिरा मिश्रा ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल संवेदनशीलता दिखाई और मौके पर ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि बिना किसी विलंब के हितग्राही को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल उपलब्ध कराई जाए।

डिप्टी कलेक्टर के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला सक्रिय हुआ और विभागीय अधिकारियों ने कागजी औपचारिकताओं को रिकॉर्ड समय में पूरा कर रामकृपाल को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल सौंप दी। जैसे ही ट्राईसाइकिल की चाबी रामकृपाल के हाथ में आई, उनके चेहरे पर संतोष और आत्मनिर्भरता की मुस्कान खिल उठी। भावुक होते हुए रामकृपाल ने कहा कि उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि प्रशासन इतनी तेजी से उनकी मदद करेगा; अब वे अपने दैनिक कार्यों और आजीविका के लिए किसी और पर निर्भर नहीं रहेंगे।

जिला प्रशासन की इस कार्यप्रणाली ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि शासन की मंशा स्पष्ट हो और अधिकारी संवेदनशील हों, तो सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने में देर नहीं लगती। यह पहल न केवल रामकृपाल के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी, बल्कि आम जनता का प्रशासन के प्रति विश्वास भी और मजबूत करेगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / पारस नाथ सिंह

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